सुकमा में पुलिस अफसरों के सामने डाले हथियार, माओवादियों के कंपनी नंबर 1 की थी सदस्य | She was a member of Maoist’s company number 1, surrendering weapons in front of police officers in Sukma

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सुकमाएक घंटा पहले

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छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में 8 लाख रूपए की एक महिला माओवादी ने सरेंडर किया है। शनिवार को पुलिस अफसरों के सामने उसने हथियार डाल दिए हैं। सरेंडर करने वाली महिला माओवादी का नाम वेट्टी मंगी है। जो नक्सलियों के माड़ डिवीजन अंतर्गत कंपनी नंबर 1 की सदस्य है। इलाके में पिछले कई सालों से सक्रिय थी। सुकमा पुलिस के पूना नर्कोम (नई सुबह) अभियान से प्रभावित होकर इसने आत्मसमर्पण किया है। मामला किस्टाराम थाना क्षेत्र का है।

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दरअसल, महिला नक्सली मंगी साल 2017 से माओवाद संगठन शामिल थी। जो माड़ डिवीजन में सक्रिय थी। दक्षिण बस्तर के कई बड़े नक्सली कमांडरों के साथ काम कर चुकी है। महिला नक्सली सुकमा के किस्टाराम इलाके की ही रहने वाली है। पुलिस अफसरों ने बताया कि, किस्टाराम इलाके में खुले पुलिस कैंप और लगातार हो रहे विकास कार्यों से प्रभावित होकर महिला नक्सली ने सरेंडर करने का सोचा। जिसके बाद शनिवार को किस्टाराम थाना पहुंचकर पुलिस के सामने हथियार डाल दिए।

महिला नक्सली के सरेंडर को पुलिस अपनी बड़ी सफलता मान रही है। अफसरों का कहना है कि, पूछताछ में इसने कई खुलासे भी किए हैं। पुलिस अफसरों का दावा है कि, महिला नक्सली के सरेंडर करने के बाद पुलिस को नक्सल मोर्चे पर और कई सफलताएं भी मिल सकती है।

क्या है पूना नर्कोम अभियान?

माओवाद के काले अंधेरे से ग्रामीणों को आजादी दिलाने के लिए सुकमा पुलिस इन दिनों “पूना नर्कोम” अभियान चला रही है। “पूना नर्कोम” क्षेत्रीय बोली गोंडी का शब्द है, जिसका हिंदी अनुवाद “नई सुबह” होता है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नक्सल इलाके में सुरक्षा और विकास का है। युवाओं को रोजगार देने से लेकर नक्सलवाद के खात्मे तक पुलिस अब नई रणनीति के तहत काम कर रही है। वहीं बस्तर संभाग का सुकमा एक ऐसा जिला है जहां नक्सली ग्रामीणों की आड़ में फोर्स को ज्यादा नुकसान पहुंचाते आए हैं। हालांकि अब पुलिस का दावा है कि सुकमा जिले में जल्द ही नक्सलवाद से आजादी की “नई सुबह” आएगी।

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