महतारी वंदन योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा : 11 शासकीय कर्मचारी परिवारों से ₹1.24 लाख की होगी वसूली

Share this

http://durgnews.in/wp-content/uploads/2026/07/SR-Hospital-2.jpeg

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना में नियमों को दरकिनार कर सरकारी कर्मचारियों के परिवारों द्वारा लाभ लेने का मामला सामने आया है। बिलासपुर जिले के बिल्हा ब्लॉक में जांच के दौरान 11 अपात्र हितग्राहियों की पहचान की गई है। इनमें शिक्षक और शासकीय कर्मचारी शामिल हैं।

http://durgnews.in/wp-content/uploads/2026/07/SR-Hospital-1.jpeg

एकीकृत बाल विकास परियोजना, बिल्हा की जांच में ऐसे हितग्राहियों के नाम सामने आए, जिनमें स्वयं या उनके पति शासकीय सेवा में कार्यरत हैं। इसके बावजूद उनके खातों में योजना की राशि पहुंचती रही।

जांच के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने संबंधित अपात्र हितग्राहियों की जानकारी बिल्हा के खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) को भेजी है।

₹1.24 लाख की राशि गलत तरीके से पहुंची

 

जांच में सामने आया कि इन 11 हितग्राहियों के खातों में महतारी वंदन योजना के तहत कुल 1 लाख 24 हजार रुपये की राशि पहुंची है। अब प्रशासन ने इस राशि की वसूली के निर्देश दिए हैं।

 

BEO ने जारी किया वसूली आदेश

 

बिल्हा BEO भूपेंद्र कौशिक ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग की जांच में शासकीय शिक्षक और कर्मचारियों के परिवारों के योजना का लाभ लेने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद संबंधित लोगों से राशि वसूलने का आदेश जारी किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि संबंधित हितग्राही राशि जमा नहीं करते हैं तो उनके वेतन से रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी।

 

इन नामों की हुई पहचान

जांच में रत्ना क्षत्री, गंगा बाई, रमा वर्मा, दिनेश्वरी कुर्रे, कुसुम यादव, गोदावरी कौशिक, रामेश्वरी साहू, कीर्ति पाटले, सविता कुर्रे, अमर ज्योति शांडिल्य और लक्ष्मी के नाम शामिल हैं। मामला सामने आने के बाद अब प्रशासन की नजर योजना के तहत लाभ ले रहे अन्य अपात्र हितग्राहियों पर भी है।

READ MORE  नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी का केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया भूमिपूजन 
Share this