पुल निर्माण में देरी को लेकर भड़कीं; जल्द निर्माण पूरा नहीं होने पर ब्लैक लिस्टेड करने की दी चेतावनी | Collector Priyanka Shukla reached Naxal area, Furious over delay in bridge construction, Warned of blacklisting if construction is not completed soon

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कांकेर41 मिनट पहले

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कलेक्टर डॉ प्रियंका शुक्ला ने लगाई अधिकारियों को फटकार। - Dainik Bhaskar

कलेक्टर डॉ प्रियंका शुक्ला ने लगाई अधिकारियों को फटकार।

कांकेर जिले की कलेक्टर डॉ प्रियंका शुक्ला ने शुक्रवार को जिले के अति संवेदनशील इलाकों का दौरा किया। इस दौरान कामतेड़ा और कटगांव में चल रहे पुल निर्माण में हो रही देरी को लेकर उनका गुस्सा फूट पड़ा। कलेक्टर ने मई 2023 तक पुल निर्माण पूरा नहीं होने पर ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड करने की चेतावनी दी है।

धुर नक्सल प्रभावित कोयलीबेड़ा से परतापुर तक सड़क निर्माण का काम चल रहा है। सड़क बन जाने के बाद पखांजूर से कोयलीबेड़ा की दूरी 70 किलोमीटर तक कम हो जाएगी। यह इलाका धुर नक्सल प्रभावित है, ऐसे में पुलिस और सुरक्षाबल की कड़ी निगरानी में काम चल रहा है। इस मार्ग पर कटगांव और कामतेड़ा में मेड़की नदी पर कामतेड़ा में लगभग 11 करोड़ रुपए और कटगांव में 19 करोड़ 86 लाख रुपए की लागत से पुल का निर्माण हो रहा है। कामतेड़ा पुल का काम लगभग पूरा होने को है, जबकि कटगांव पुल का काम काफी बचा हुआ है।

कलेक्टर प्रियंका शुक्ला ने किया निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण।

कलेक्टर प्रियंका शुक्ला ने किया निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण।

पुल निर्माण का कार्य 2020 तक पूरा होना था, लेकिन अब तक काम अधूरा पड़ा है, जिसके निरीक्षण के लिए आज कलेक्टर प्रियंका शुक्ला यहां पहुंचीं। उन्होंने PWD विभाग के इंजीनियर को जमकर फटकार भी लगाई। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर मई 2023 तक काम पूरा नहीं हुआ, तो ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड कर दिया जाएगा।

सड़क निर्माण के लिए खोले गए थे दो कैंप

कोयलीबेड़ा से परतापुर का इलाका नक्सलियों का गढ़ माना जाता है, जिसके चलते यहां सड़क निर्माण के लिए कामतेड़ा और कटगांव में बीएसएफ के दो कैम्प भी खोले गए हैं, वहीं डीआरजी की टीम भी यहां लगातार सुरक्षा दे रही है। इसके बाद भी सड़क के अंतर्गत आने वाले पुल के निर्माण में देरी से कलेक्टर बेहद नाराज नजर आईं।

कलेक्टर प्रियंका शुक्ला।

कलेक्टर प्रियंका शुक्ला।

4 जवानों ने दी है शहादत

इस मार्ग के निर्माण के लिए 4 जवानों ने अपनी शहादत भी दी है। 2019 में सड़क को सुरक्षा देने निकले जवानों पर नक्सलियों ने हमला कर दिया था, जिसमें बीएसएफ के 4 जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद भी जवानों का हौसला कम नहीं हुआ और जवानों ने सड़क निर्माण को पूरी सुरक्षा दी, ताकि ग्रामीणों के लिए राह आसान हो सके और क्षेत्र में विकास पहुंच सके।

महला गांव के स्कूल भवन का निरीक्षण

परतापुर के आश्रित ग्राम महला में जर्जर हो चुके माध्यमिक शाला भवन को पुलिस प्रशासन द्वारा फिर से बनाया जा रहा है। कलेक्टर प्रियंका शुक्ला ने इस स्कूल भवन का भी निरीक्षण किया और मौके पर उपस्थित ग्रामीणों से रू-ब-रू चर्चा कर समस्या की जानकारी ली। मुख्य सड़क से स्कूल तक पहुंच मार्ग बनाने, स्कूल परिसर में शौचालय का निर्माण कराने और विद्यालय परिसर में स्थित पेड़ के नीचे चबूतरा बनाने के लिए जनपद पंचायत सीईओ को निर्देशित किया गया, साथ ही प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय के लिए डाईस कोड दिलाने के लिए कार्रवाई करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया।

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