तमिलनाडु में सियासी भूचाल: कांग्रेस ने टीवीके को दिया समर्थन, द्रमुक ने लगाया ‘पीठ में छुरा घोंपने’ का आरोप

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इलेक्शन डेस्क। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। अभिनेता से नेता बने विजय थलापति की पार्टी टीवीके (TVK) को सरकार गठन के लिए कांग्रेस का समर्थन मिलने के बाद सियासी तापमान काफी बढ़ गया है।
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने बताया कि टीवीके प्रमुख ने समर्थन की मांग की थी, जिसके बाद पार्टी ने सशर्त समर्थन देने का फैसला किया। कुछ ही समय बाद कांग्रेस ने इसका औपचारिक ऐलान भी कर दिया।

द्रमुक का तीखा हमला
कांग्रेस के इस फैसले से सत्ताधारी द्रविड़ मुन्नेत्र कजगम (DMK) बुरी तरह नाराज हो गई है। पार्टी ने इसे अपने सबसे पुराने सहयोगी की “पीठ में छुरा घोंपना” बताया।
द्रमुक प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने न सिर्फ द्रमुक बल्कि तमिलनाडु की जनता के जनादेश का भी अपमान किया है। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया पूरी भी नहीं हुई थी और कांग्रेस ने तुरंत टीवीके से हाथ मिला लिया।

कांग्रेस रखी समर्थन की शर्तें
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि उसका समर्थन पूरी तरह सशर्त होगा। पार्टी ने टीवीके के सामने कुछ प्रमुख शर्तें रखी हैं, जिनमें शामिल हैं—

साम्प्रदायिक ताकतों से दूरी बनाना

संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन

सामाजिक न्याय की नीतियों के प्रति प्रतिबद्धता

तमिलनाडु के ऐतिहासिक नेताओं के आदर्शों पर आधारित शासन

बहुमत का गणित क्या कहता है?

तमिलनाडु विधानसभा में कुल 234 सीटें हैं और बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत होती है।

टीवीके को मिली सीटें: 108

कांग्रेस का समर्थन: 5 सीटें

कुल संख्या: 113 सीटें

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इस हिसाब से टीवीके अभी भी बहुमत से 5 सीट दूर है, यानी अकेले कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाना संभव नहीं है।

अब नजरें संभावित गठबंधनों पर

0 राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि आगे कुछ और दल टीवीके का समर्थन कर सकते हैं।

0 All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (AIADMK) के समर्थन की अटकलें

0 कुछ निर्दलीय और छोटे दलों के जुड़ने की संभावना

0 अगर यह समीकरण बनता है तो टीवीके बहुमत हासिल कर सकती है।

राज्यपाल से मुलाकात की तैयारी

टीवीके प्रमुख विजय आज राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं। इसके बाद शपथ ग्रहण की तारीख तय होने की संभावना है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शपथ ग्रहण 7 मई को भी हो सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सियासी माहौल गरम

द्रमुक की करारी हार के बाद जहां कांग्रेस के इस कदम ने गठबंधन राजनीति को हिला दिया है, वहीं टीवीके के सत्ता समीकरण ने तमिलनाडु की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या विजय बहुमत साबित कर पाएंगे या राज्य में नया राजनीतिक समीकरण बनेगा।

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