

बेंगलुरु। कर्नाटक की राजनीति में बुधवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की। राजभवन में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान शिवकुमार ने हाथ में संविधान की प्रति लेकर शपथ ली, जो समारोह का विशेष आकर्षण रहा।
वहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेता जी. परमेश्वर ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के कई दिग्गज नेता, जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे।

मंत्रिमंडल का भी हुआ विस्तार
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के अलावा 12 अन्य नेताओं को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इनमें डॉ. यतींद्र सिद्धारमैया, एमबी पाटिल, रामलिंगा रेड्डी, सतीश जारकीहोली, कृष्णा बायरे गौड़ा, प्रियंक खरगे, यूटी खादर, ईश्वर खंड्रे, बायराठी सुरेश, डॉ. शरण प्रकाश पाटिल, केएच मुनियप्पा और केजे जॉर्ज शामिल हैं।
विधायक दल ने सौंपी कमान
30 मई को बेंगलुरु में आयोजित कांग्रेस विधायक दल की बैठक में डीके शिवकुमार को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया था। इसके बाद मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई। पार्टी नेतृत्व ने उनके नेतृत्व में सरकार को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई है।
छात्र राजनीति से मुख्यमंत्री तक का सफर
डीके शिवकुमार का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ था। 1980 के दशक में उन्होंने कांग्रेस से जुड़कर सक्रिय राजनीति में कदम रखा। वर्ष 1985 में उन्होंने पहला विधानसभा चुनाव लड़ा, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 1989 में महज 27 वर्ष की उम्र में उन्होंने साठनूर विधानसभा सीट से जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचे।
कई राजनीतिक उतार-चढ़ाव और दशकों के अनुभव के बाद अब डीके शिवकुमार कर्नाटक की सत्ता की कमान संभाल रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस सरकार राज्य में नई रणनीति और विकास एजेंडे के साथ आगे बढ़ेगी।
