

० टनल से निकाले गए श्रमिक को डॉक्टरों ने मृत घोषित किया, पानी निकालने के साथ लापता मजदूरों की तलाश तेज
चमोली। विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में 13 अगस्त को हुए हादसे के बाद दो लापता श्रमिकों की तलाश जारी है। रेस्क्यू टीमें टनल के भीतर लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। इसके साथ ही टनल में जमा पानी को बाहर निकालने का काम भी तेजी से किया जा रहा है।
शनिवार को रेस्क्यू अभियान के दौरान श्रमिक देवनाथ को टनल से बाहर निकाला गया, लेकिन स्वास्थ्य जांच के बाद चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
22 श्रमिकों में 8 की मौत, 2 अब भी लापता
प्रशासन के मुताबिक हादसे के बाद कुल 22 श्रमिक प्रभावित हुए हैं। इनमें से 12 श्रमिकों को बाहर निकाला जा चुका है, जबकि 8 श्रमिकों की मौत हो चुकी है और 2 अब भी लापता हैं। लापता श्रमिकों को तलाशने के लिए रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है।
मंत्री ने लिया रेस्क्यू अभियान का जायजा
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक शनिवार को घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव अभियान की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से रेस्क्यू ऑपरेशन की प्रगति की जानकारी ली।
मंत्री ने रेस्क्यू टीमों को उपलब्ध संसाधनों और मशीनरी के बेहतर समन्वय के साथ अभियान को तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टनल में फंसे हर श्रमिक की जान बेहद महत्वपूर्ण है और सभी को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की प्राथमिकता है।
श्रमिकों ने किया मंत्री का घेराव
मौके पर परियोजना के श्रमिकों ने मंत्री मदन कौशिक का घेराव कर मृतक श्रमिकों के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने और हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग की।
श्रमिकों की मांग पर मंत्री ने वीपीएचईपी की कंपनी टीएचडीसी को मुआवजा देने और जांच पूरी होने तक परियोजना का काम बंद रखने के निर्देश दिए। इसके बाद श्रमिक शांत हुए।
फिलहाल रेस्क्यू टीमों का पूरा फोकस टनल में फंसे दो लापता श्रमिकों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने पर है।
