
रायपुरएक घंटा पहले

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11 दिसंबर का दिन प्रदेश के रेलवे इतिहास में यादगार बना। रविवार को वंदे भारत स्पेशल ट्रेन नागपुर से रायपुर पहुंची। ये नई ट्रेन है जो छत्तीसगढ़ के बिलासपुर तक चला करेगी। नागपुर-बिलासपुर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन सप्ताह में छह दिन तक चलेगी। यह यात्रा छह घंटे पूरी होगी। इस ट्रेन पर अब सियासी बयान सामने आने शुरू हो गए हैं। कांग्रेस सरकार के मंत्री अमरजीत भगत ने इस मामले में भाजपा नेताओं पर सवाल खड़े किए हैं।


मंत्री अमरजीत भगत ने कहा- वंदे भारत ट्रेन का प्रदेश में जगह-जगह स्वागत हो रहा है, अच्छी बात है स्वागत होना चाहिए। भाजपा के लोग स्वागत में हिस्सा ले रहे हैं, सांसद-विधायक सब जा रहे हैं स्वागत करने। इस ट्रेन को चलाने के लिए तारीफों के पुल बांधे जा रहे हैं। दूसरी तरफ सैंकड़ों ट्रेन हर रोज कैंसल हो रही हैं, लोग प्लेटफॉर्म पर ही रात बिताने को मजबूर हैं। दर-दर भटकना पड़ रहा है यात्रियों को इसकी िजम्मेदारी भी लें, रद्द ट्रेनों की भी नैतिक जिम्मेदारी BJP के सांसदों विधायकों को लेनी चाहिए।

किराया तो फ्लाइट वाला है
अमर जीत भगत ने ट्रेन के किराए को लेकर भी बयान दिया उन्होंने कहा- इस ट्रेन का किराया आम आदमी के बस की बात नहीं है। प्रदेश के आम आदमी के लिए ये बहुत महंगी ट्रेन है। इसका किराया तो फ्लाइट के बराबर है। टिकट का दाम अधिक है, इसका भी कोई ठिकाना नहीं है कब कहां खड़ी (खराब) हो जाए। रुक जाए।
क्या है CG से चलने वाली वंदे भारत ट्रेन का किराया
देश की सबसे तेज चलने वाली वंदे भारत ट्रेन के लिए रेलवे ने शेड्यूल जारी कर दिया है और इसकी बुकिंग भी शनिवार से शुरू हो गई। IRCTC ने बिलासपुर से नागपुर के लिए चेयरकार का किराया AC-II के बराबर 1077 रुपए तय किया है। इसी तरह एग्जीयूटिव क्लास के लिए 2045 रुपए टिकट रखा है। रेलवे ने ट्रेन को राजनांदगांव में भी स्टॉपेज दिया है।
ट्रेन में चेयरकार का बिलासपुर से नागपुर का किराया AC II के बराबर 1070 रुपए तय किया है। वहीं एग्जीक्यूटिव क्लास में बिलासपुर से नागपुर तक सफर तय करने के 2045 रुपए है। इसी तरह वंदेभारत ट्रेन में बिलासपुर से रायपुर तक चेयरकार के लिए 470 और एग्जीक्यूटिव क्लास के लिए 905 रुपए किराया तय किया गया है। यात्रियों को बिलासपुर से दुर्ग के लिए 635 और 1155, बिलासपुर से राजनांदगांव के लिए 690 और 1265, बिलासपुर से गोंदिया के लिए 865 और 1620 रुपए खर्च करने होंगे।

पिछले 11 महीने में 2605 ट्रेनें रद्द
पिछले दिसंबर यानी साल 2021 से नवंबर तक यानी 11 महीने में रायपुर व बिलासपुर से गुजरने वाली 2605 ट्रेनों को रद्द किया जा चुका है। रेलवे के इस फैसले से जहां लोगों की गर्मी की छुट्टी खराब हुई, वहीं यात्री अपने रिश्तेदार के शादी में शामिल नहीं हो पाए। ट्रेनों के रद्द होने का सिलसिला अभी थमा नहीं है।
रेलवे ने सबसे ज्यादा सितंबर माह में 474 ट्रेनें रद्द किया है। इससे रेलवे को अब तक 17 करोड़ 86 लाख के राजस्व का नुकसान हुआ है। रायपुर स्टेशन से रोजाना 70 हजार यात्री आवाजाही करते हैं। ऐसे समय में जिन 64 ट्रेनों को कैंसिल करने का आदेश रेलवे जारी किया है, इसमें ज्यादातर ट्रेनें रायपुर स्टेशन से गुजरती हैं। छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली ऐसी कोई ट्रेन नहीं बची, जो इस साल में रद्द ना की गई हो। अधिकांश ट्रेनें अलग-अलग रूट में नॉन इंटरलॉकिंग की वजह से रद्द की गई।

भाजपा नेताओं ने रायपुर में किया ट्रेन का स्वागत
रायपुर रेलवे स्टेशन पर सांसद सुनील सोनी, पूर्व मंत्री भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने वंदे भारत ट्रेन का स्वागत किया। ये ट्रेन नागपुर से PM मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने के बाद नागपुर से रायपुर पहुंची। इसके बाद आगे बढ़ते हुए बिलासपुर पहुंची। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव, भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, राजनांदगांव सांसद संतोष पाण्डेय,राजनांदगांव में वंदे भारत एक्सप्रेस का स्वागत किया। दुर्ग रेलवे स्टेशन में दुर्ग लोकसभा क्षेत्र सांसद विजय बघेल,राज्यसभा सांसद सरोज पांडे ने ट्रेन का स्वागत किया।

