ट्रेन रोकने से पहले ही पुलिस ने रोका, बिगड़ी टाइमिंग और मनमानी के खिलाफ आक्रोश | Police stopped before stopping the train, outrage against bad timing and arbitrariness

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डोंगरगढ़20 घंटे पहले

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स्टेशन परिसर में कांग्रेसियों व आम यात्रियों ने जमकर नारेबाजी की। - Dainik Bhaskar

स्टेशन परिसर में कांग्रेसियों व आम यात्रियों ने जमकर नारेबाजी की।

ट्रेनों की बिगड़ी टाइमिंग और रेलवे की मनमानी के खिलाफ गुस्सा फूट पड़ा। रविवार को कांग्रेसियों ने डोंगरगढ़ स्टेशन में प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में परेशान दैनिक यात्री भी शामिल हो गए। कांग्रेस ने रेल रोककर प्रदर्शन की चेतावनी दी थी, लेकिन प्लेटफार्म में घुसने से पहले ही कांग्रेसियों को रोक दिया गया। प्रदर्शन की अगुवाई डोंगरगढ़ विधायक भुनेश्वर बघेल और जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष नवाज खान ने की। इसमें बड़ी संख्या में आम दैनिक यात्री भी शामिल हो गए। जिन्होंने प्रदर्शन के दौरान अपनी समस्या भी साझा की।

विधायक बघेल गोल बाजार से लेकर स्टेशन व धरना स्थल में स्वयं माइक लेकर आम जनता के बीच गए और ट्रेनों की लेटलतीफी से हो रही परेशानियों को रखने का आव्हान किया। एक-एक कर दैनिक यात्रियों व आम लोगों ने अपनी समस्याओं को मंच पर साझा किया। यात्रियों ने बताया कि वे ड्यूटी से आधी रात को घर पहुंच रहे हैं। प्रदर्शन में सीधे तौर पर रेलवे की मनमानी पर जन आक्रोश दिखा। इधर रेल रोको आंदोलन को देखते हुए रेलवे पुलिस के अलावा जिला पुलिस व जिले भर के अफसर डोंगरगढ़ स्टेशन में सुबह से ही सक्रिय हो गए थे ताकि रेल रोकने की स्थिति न बने।

रायपुर से डोंगरगढ़ पहुंचने में ही लग रहे 8 से 10 घंटे
प्रदर्शन में पहुंचे दैनिक यात्रियों ने बताया कि वे भिलाई व रायपुर में नौकरी करते हैं। नौकरी में जाने के लिए ट्रेन एकमात्र सहारा है। लेकिन इन दिनों बिगड़ी टाइमिंग ने उन्हें और उनके पूरे परिवार को परेशान कर रखा है। रायपुर से डोंगरगढ़ आने में रोजाना 8 से 10 घंटे तक का समय लग रहा है। विधायक बघेल ने रेल अफसरों को चेतावनी दी है कि अगर जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आगे पटरी पर ही प्रदर्शन होगा।

रोका तो काउंटर के पास ही बैठ गए प्रदर्शनकारी
करीब एक घंटे धरना देने के बाद विधायक बघेल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं व आम जनता की भीड़ प्लेटफार्म एक की ओर रवाना हुई। इधर रेलवे के साथ जिला पुलिस के अफसर व जवानों ने पहले ही गेट बंद कर घेराबंदी कर ली थी। इसलिए भीड़ प्लेटफार्म में नहीं जा सकी और टिकट काउंटर के समीप ही बैठ गए। जिसके बाद रेलवे के अफसर पहुंचे और ज्ञापन लिया। रेलवे ने धरना में शामिल होने वाले प्रत्येक लोग की वीडियोग्राफी व ड्रोन से निगरानी की।

जानिए, कैसी अव्यवस्था बन रही है

मालगाड़ी – रुट पर मालगाड़ियों की संख्या दो से ढाई गुनी कर दी गई है। इससे यात्री ट्रेनों पर असर पड़ रहा है। कोयला ढुलाई के लिए मालगाड़ी को प्राथमिकता दी जा रही है। पहले मालगाड़ियों को पासिंग दी जा रही है।

यात्री ट्रेनें – यात्री ट्रेनों को आउटर में घंटों रोका जा रहा है। स्थिति ऐसी है कि एक के पीछे एक एक्सप्रेस ट्रेनें खड़ी हो रही है। देर रात में भी सुनसान जगह पर यात्री ट्रेनों को रोका जा रहा है। इससे यात्रियों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्टेशन – स्टेशन में एक ही प्लेटफार्म का इस्तेमाल इन दिनों दोनों दिशा की ट्रेन को पास करने के लिए किया जा रहा है। ट्रेनों के प्लेटफार्म बदलने जाने की सूचना भी ट्रेन के आने के बाद दी जा रही है। इससे भगदड़ मच रही है।

टाइमिंग – एक्सप्रेस हो या सुपरफास्ट ट्रेनें इन दिनों निर्धारित समय से 8 से 10 घंटे देर से चल रही है। गंभीर स्थिति यह है कि राजनांदगांव से डोंगरगढ़ के बीच की दूरी ही ट्रेनें डेढ़ से दो घंटे में तय कर रही है। जबकि स्टैंडर्ड टाइम 23 मिनट का है।

सभी ट्रैकों पर मालगाड़ी ही प्लेटफार्म अचानक बदल रहे
बैंक अध्यक्ष नवाज खान ने कहा कि की कोरोना काल के बाद स्थिति ये कि रेलवे की सभी ट्रैक में मालगाड़ी ही नजर आती है। यात्री ट्रेनों का औचित्य ही खत्म हो गया है। आउटर में कई घंटे तक गाड़ी खड़ी कर दी जाती है। हर ट्रैक में कोयला से भरी गाड़ियां दौड़ रही है। वहीं प्लेटफार्म में आने वाली गाड़ियों में अचानक परिवर्तन कर दिया जाता है।

केंद्र पर साधा निशाना विरोध में की नारेबाजी
कांग्रेसियों ने कहा कि ट्रैक पर अडानी व अम्बानी की मालगाड़ी दौड़ रही है। हाथों में तख्ती लेकर नारेबाजी की गई और केंद्र सरकार पर सीधा निशाना साधा। कांग्रेसियों ने कहा कि केंद्र देश के दो उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए यात्री ट्रेनों को चलाने के लिए मनमानी कर रही है। अब तो केवल कोयला गाड़ियों को पहली प्राथमिकता मिल रही है।

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