करोड़ों रुपए के टैक्स चोरी मामले में दीपक एंटरप्राइजेज का मालिक गिरफ्तार

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में केंद्रीय जीएसटी विंग ने फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट के मामले में कार्रवाई करते हुए रायपुर के मेसर्स दीपक एंटरप्राइजेज के मालिक दीपक कुमार मिश्रा को गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में फर्जी फर्मों से 5.73 करोड़ रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट लिया है.

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केंद्रीय जीएसटी की टीम ने दीपक कुमार मिश्रा को सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 69 (1) के तहत 21.06.2024 को गिरफ्तार किया गया और अदालत में पेश किया गया. सीजेएम अदालत ने आरोपी की न्यायिक हिरासत मंजूर कर लिया है. सीजीएसटी रायपुर कर चोरों के खिलाफ और विशेष रूप से फर्जी बिलिंग के कारोबार में शामिल करदाताओं के खिलाफ सख्त प्रवर्तन कार्रवाई कर रहा है. इन गिरफ्तारियों के साथ जीएसटी कानून लागू होने के बाद से फर्जी बिलिंग के संबंध में सीजीएसटी रायपुर आयुक्तालय द्वारा गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की कुल संख्या बढ़कर 18 हो गई है.

बता दें कि फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट पास करने के लिए कई फर्जी फर्म बनाई गई इस मामले में एक महीने पहले ही GST विभाग ने कार्रवाई करते हुए सर्वेश कुमार पाण्डेय को गिरफ्तार किया था. जिसने बड़ी संख्या में फर्जी फर्मों से 70 करोड़ से अधिक का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट लिया था. मिली जानकारी के अनुसार, विशेष खुफिया जानकारी और डेटा विश्लेषण के आधार पर यह पता चला कि फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट पास करने के लिए कई फर्जी फर्म बनाई गई है. व्यापक निगरानी के बाद 4 मई 2024 को सर्वेश कुमार पाण्डेय नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया, जिसने बड़ी संख्या में फर्जी फर्मों से 70 करोड़ से अधिक का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट लिया था.

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इस मामले में आगे जांच करने पर पता चला कि दीपक कुमार मिश्रा नाम का एक अन्य व्यक्ति जो कि मेसर्स दीपक एंटरप्राइजेज, रायपुर का मालिक है तथा जो सर्वेश कुमार पाण्डेय के ब्रोकर के रूप में काम करता था, वह भी इसी तरह की गतिविधियों में लिप्त है. उसने सात ऐसे फर्मों से 5.73 करोड़ रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट लिया है, जो कि अस्तित्व में नहीं हैं. तथ्यों और साक्ष्यों के सामने आने पर दीपक कुमार मिश्रा ने कई अन्य फर्मों से फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने की बात स्वीकार किया.

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