
भिलाई। शासकीय जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (जीएनएम) ट्रेनिंग सेंटर जिला अस्पताल दुर्ग का वार्षिक लैंप लाइट और अंतिम वर्ष की छात्राओं का विदाई समारोह हाल ही में हुआ। मुख्य अतिथि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी और विशेष अतिथि दुर्ग की महापौर अलका बाघमार थे।

अध्यक्षता सिविल सर्जन दुर्ग डॉ. आशीषन मिंज ने की। कार्यक्रम में पूर्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जेपी मेश्राम और छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री सैय्यद असलम ने भी छात्राओं को संबोधित किया।
विशेष अतिथि डा अलका बाघमार ने कहा सच्चाई ईमानदारी और निष्ठा के मूल मंत्र के साथ भविष्य की आगामी सीढियां चढ़ते हुए आगे बढ़ें। उन्होंने कहा- सेवा संकल्प और मरीजों की देखभाल में लगन, मेहनत और हंसमुख स्वभाव अत्यंत आवश्यक है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज दानी ने नर्सिग कैडर की अंतिम वर्ष की छात्राओं से कहा, जिस अस्पताल में जाएं वहां अपनी सेवाओं के जरिए इस संस्था की और अपनी पहचान बनाएं।

प्राचार्य पुष्पा बांधे ने बताया कि संस्था के भवन के पुनः निर्माण और संधारण की आवश्यकता है। इसके लिए लगभग 13 करोड़ लागत आएगी जिसमें अध्ययन कक्ष, हास्टल और आफिस सम्मिलित हैं। उन्होंने कहा कि हम जनरल नर्सिंग मिडवाइफरी तीन वर्ष की स्टाफ नर्स को बेहतरीन प्रशिक्षण देकर बैच तैयार कर रहे हैं। यहां की प्रशिक्षित नर्से शासकीय अस्पतालों, प्राइवेट अस्पतालों, एम्स जैसी संस्थाओं में सेवाएं देती हैं।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री सैय्यद असलम ने कहा कि विभाग जेएनएम प्रशिक्षण की सुविधा को सुदृढ़ और सशक्त करने अधोसंरचना उन्नयन करना होगा। साथ ही कर्मचारियों के लिए आवास की सुविधा उपलब्ध करना चाहिए।
कार्यक्रम में एमआईसी सदस्य चंद्राकर, डॉ. सीबीएस बंजारे,डॉ. जेपी मेश्राम,डॉ. विनिता धुर्वे, डॉ. संजय बालेंद्र, स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के संभागीय अध्यक्ष अजय नायक, जिला अध्यक्ष सत्येन्द्र गुप्ता, उप प्रांताध्यक्ष प्रमेश पाल , नर्सिंग सिस्टर अमरीता राजपूत, रंजना सोनवानी, गीता साल, एम गंधर्व, विजय जॉन, मैट्रन उत्तरा बोरकर और मंजूराय सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
