
दुर्ग। नाबालिग को पीडब्ल्यूडी में नौकरी लगाने के नाम पर गैंग रेप के बहुचर्चित प्रकरण के फरार आरोपी बीएन पांडे और संजय पंडित ने आज कोर्ट में सरेंडर किया। इस कांड के सभी 6 आरोपी अब सलाखों के पीछे हैं। इसके अलावा एक अन्य आरोपी अमित वर्मा को भी गिरफ्तार किया गया है।

इससे पहले मामले के मुख्य आरोपी पीडब्ल्यूडी के टाइम कीपर राजू कश्यप उर्फ कृपाशंकर को गोरखपुर में रिश्तेदार के घर से पकड़ा गया। महिला थाना में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार आरोपी संजय पंडित की ओर से सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत आवेदन लगाया गया था जो निरस्त हो गया। इसी मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपी अनिल चौधरी की ओर से भी जमानत आवेदन प्रस्तुत किया गया। इस सनसनीखेज मामले का हाई-प्रोफाइल आरोपी भीम नारायण पांडे है। जो मत्स्य पालन विभाग से सेवानिवृत्त हुआ है और जनप्रतिनिधि का निज सहायक भी रहा है।
बता दें कि इस प्रकरण में पुलिस ने 6 आरोपियों के विरुद्ध नामजद अपराध दर्ज किया है। पूर्व में चार आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। सभी को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा जा चुका है।

पुलिस के मुताबिक युवती के नाबालिग रहने के समय से बालिग होते तक करीब सात सालों तक वह 6 लोगों के दरिंदगी का शिकार होते रही। उसे पीडब्ल्यूडी में नौकरी लगाने का झांसा देकर सभी लोग दैहिक शोषण करते रहे। इसमें पीडब्ल्यूडी कर्मचारी, ठेकेदार, होटल मैनेजर, सांसद का पूर्व निज सहायक सहित अन्य शामिल हैं। पीड़िता से दुष्कर्म का सिलसिला 2018 से अक्टूबर 2025 तक चला। बताते हैं इस समय तक वह अस्थाई रूप से मस्टररोल पर विभाग में काम कर रही थी। उसे फोटो, वीडियो वायरल करने और नौकरी से निकाल देने की धमकी देकर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
पीड़िता ने बीते 30 जनवरी को दुर्ग महिला थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने होटल मैनेजर विजय स्वाइन, ठेकेदार अनिल चौधरी, संजय पंडित, भीम नारायण पांडे, गोविंद सिंह ठाकुर, राजू कश्यप के विरुद्ध नामजद अपराध दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ धारा 65 (1) , 70 (2 ) बीएनएस और पाक्सो एक्ट के साथ ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी और की गई शिकायत में आरोपियों की गिरफ्तारी बाद कई तथ्य सामने आना बाकी है। बताया जा रहा है कि युवती विवाह करने जा रही थी। तब भी उसे परेशान किया जा रहा था। उसने सब कुछ अपने मंगेतर को बताया फिर उसी के हिम्मत देने पर युवती पुलिस तक पहुंची। पुलिस युवती का धारा 164 के तहत बयान भी ले चुकी है।
