कोरिया6 घंटे पहले
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कोरिया जिले से सटे मध्यप्रदेश बॉर्डर पर बाघ दिखाई दिया है। बाघ के मूवमेंट से वन विभाग सतर्क हो गया है। बैकुंठपुर के तमोर पिंगला अभयारण्य की 10 सदस्यीय और स्थानीय वन विभाग की टीम तेंदुए की तलाश और उसके विचरण एरिया का पता लगाने गई थी।प्रशिक्षित सदस्य हाथी के आगे और पीछे चलकर तेंदुए का विचरण एरिया चिह्नित करने में जुटी हुई है। हालांकि तेंदुआ तो टीम को नजर नहीं आया, लेकिन बाघ जरूर दिखाई दे गया।
बता दें कि जनकपुर क्षेत्र में तेंदुए द्वारा 2 महिलाओं और एक युवक को मार डाला गया था। इस दौरान वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में एक तेंदुआ फंसा था, जिसे कानन पेंडारी ले जाया गया था। इसी बीच एक अन्य तेंदुए ने 2 बकरियों का शिकार कर डाला। इसके बाद वन विभाग की टीम फिर से अलर्ट हो गई है। इधर छत्तीसगढ़-एमपी बॉर्डर पर एक बाघ देखा गया है।

पानी पीने आया था बाघ।
गौरतलब है कि दूसरे तेंदुए ने जनकपुर वनपरिक्षेत्र के ग्राम छरछा निवासी रामप्रसाद बैगा की बकरी को चरते समय और ग्राम मेहदौली निवासी दादूराम बैगा की बकरी का सोमवार रात को शिकार कर लिया। इसके बाज वन विभाग की टीम अलर्ट हो गई है। विभाग ने ग्रामीणों को जंगल में नहीं जाने की समझाइश देते हुए मुनादी करवाई है। साथ ही तेंदुआ विचरण प्रभावित इलाके में पेट्रोलिंग तेज कर दी गई है।

हाथी के साथ निकली टीम।
तमोर पिंगला के हाथी तिलक को साथ लेकर फुट पेट्रोलिंग कराई जा रही है। इस दौरान तेंदुए के पद चिह्न के आधार पर विचरण एरिया चिह्नांकित किया जाएगा। इससे पहले लगातार लोगों की जान ले रहे तेंदुए को पकड़ने के लिए कांकेर से 4 सदस्यीय टीम आई थी। करीब 5 दिनों तक अलग-अलग एरिया का सर्वे कराने पर अन्य तेंदुए के पद चिह्न पाए गए थे।

हाथी पर सवार होकर सर्च ऑपरेशन।
हाथी के आसपास नहीं फटकता है तेंदुआ- एक्सपर्ट
एक्सपर्ट का कहना है कि तेंदुआ हाथी के आसपास भी नहीं फटकता है, इसलिए हाथी की मदद से जंगल में तेंदुए की लोकेशन को ट्रेस कर सकते हैं। हाथी के साथ 10 सदस्यीय टीम दो दिनों से फुट पेट्रोलिंग कर रही है। जनकपुर परिक्षेत्र की सीमा गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान और संजय टाइगर रिजर्व मध्यप्रदेश से लगी हुई है। इस कारण वन्यजीव विचरण कर रेगुलर वन परिक्षेत्र में आए दिन पहुंच जाते हैं।
जनकपुर से 10 किमी दूर शहडोल में दोबारा नजर आया बाघ
वनमंडल मनेंद्रगढ़ के परिक्षेत्र जनकपुर-कुंवारपुर में तेंदुए की दहशत के बाद अब मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ बॉर्डर के उस पार बाघ नजर आया है। शहडोल जिले के ग्राम बनसुकली शारदपुर स्थित ओदारी नाले में शाम को उसे पानी पीते देखा गया है। वहीं दो दिन बाद बाघ जनकपुर-शहडोल मार्ग के बीच ग्राम छोटी सीधी में नजर आया है। हालांकि यह एरिया वनपरिक्षेत्र जनकपुर से करीब 10 किलोमीटर दूर और बॉर्डर के उस पार है। लेकिन बाघ के बॉर्डर पार कर जनकपुर जंगल में पहुंचने की आशंका जताई गई है। कोरिया के गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान में 5 बाघ हैं, जो संजय गांधी टाइगर रिजर्व सीधी एरिया तक विचरण करते रहते हैं।
