इंदिरा कला संगीत विश्ववि‌द्यालय के तंत्रीवाद्य विभाग में सितार वादन कार्यशाला

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० 6 दिवसीय कार्यशाला का विद्यार्थियों ने उठाया लाभ

खैरागढ़। इन्दिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के तंत्रीवाद्य विभाग में 9 से 14 मार्च तक सितार वादन कार्यशाला का आयोजन हुआ। कार्यशाला का उ‌द्घाटन कुलपति प्रो.(डॉ.) लवली शर्मा द्वारा मां सरस्वती के तैलचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कुलपति ने कार्यशाला की विषय विशेषज्ञ प्रो.(डॉ.) कविता चक्रवर्ती (जोधपुर) का स्वागत कर उन्हें अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। वहीं कुलपति का स्वागत अधिष्ठाता संगीत संकाय प्रो.(डॉ.) नमन दत्त ने किया। कार्यशाला के उ‌द्घाटन समारोह में संकाय के समस्त शिक्षक, संगतकार एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। कार्यशाला का संचालन, संयोजक एवं विभाग के सहायक प्राध्यापक विवेक नवरे द्वारा किया गया। जेएनवी विश्वविद्यालय जोधपुर राजस्थान के संगीत विभाग की विभागाध्यक्ष रही प्रो.डॉ. कविता चक्रवर्ती ने 6 दिवसीय कार्यशला में सितार वादन की तकनीकी जानकारी दी। साथ ही वादन शैली से विद्यार्थियों को प्रेरित किया। उन्होंने अपने प्रदर्शनात्मक व्याख्यान द्वारा सितार वादन की सूक्ष्मता से विद्यार्थियों को अवगत कराया। इस दौरान उन्होंने राग यमन, हमीर एवं श्याम कल्याण के संबंध में विद्यार्थियों को बताते हुए विलंबित और द्रुत गत की जानकारी दी। इस कार्यशाला का लाभ तंत्रीवाद्य विभाग के 30 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया।

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