

भिलाई नगर। भिलाई के रिहायशी क्षेत्र में संचालित स्पर्श मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में नियमों की अनदेखी कर अवैध रूप से ऑक्सीजन प्लांट चलाने का गंभीर मामला सामने आया है। यह मुद्दा अब राजभवन तक पहुंच गया है, जिससे प्रशासनिक हलकों में भी हलचल मच गई है।
भिलाई निवासी गुरमीत वाधवा ने छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए इस पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत अनुसार अस्पताल के स्वीकृत भवन नक्शे में ऑक्सीजन प्लांट का कोई उल्लेख नहीं है। आरोप है कि प्रबंधन ने अनिवार्य ‘सेटबैक एरिया’ को अवैध रूप से घेरकर वहां प्लांट स्थापित कर दिया है।
शिकायत में कहा गया है कि अस्पताल के बेसमेंट में ‘ऑक्सीजन मैनिफोल्ड रूम’ संचालित किया जा रहा है, जो फायर सेफ्टी और भवन नियमों के अनुसार प्रतिबंधित श्रेणी में आता है। इसे अत्यंत संवेदनशील और विस्फोटक गतिविधि माना जाता है।
अस्पताल के समीप ही शासकीय नवीन प्राथमिक शाला (सुपेला) और आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। प्लांट से निकलने वाली तेज आवाज और कंपन से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं किसी दुर्घटना की स्थिति में सैकड़ों बच्चों की जान खतरे में पड़ सकती है।
आरोप है कि प्लांट संचालन के लिए नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, विस्फोटक विभाग (PESO) और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से आवश्यक अनुमति नहीं ली गई है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों को कई बार अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे अस्पताल प्रबंधन के प्रभाव पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
राज्यपाल से इस अवैध ऑक्सीजन प्लांट को तत्काल सील किए जाने के आलावा अस्पताल का नर्सिंग होम लाइसेंस निरस्त कर उच्च स्तरीय तकनीकी जांच समिति गठित किए जाने की मांग की गई है। राज्यपाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत पर उचित वैधानिक कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
