भिलाई, 19 मई। भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष तथा भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह द्वारा महिला पहलवानों का यौन शोषण किए जाने के खिलाफ पिछले 25 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर खिलाड़ियों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन के समर्थन में आज भिलाई में भी विभिन्न श्रम संगठनों, जन संगठनों तथा खेल संघों द्वारा प्रदर्शन कर एकजुटता दिखाई गई।
राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दलों के राजनेताओं, भारतीय एथलीटों और कृषि संघों सहित पूरे देश में विरोध प्रदर्शनों को व्यापक समर्थन मिल रहा है।
आश्वासन देकर केंद्र सरकार मौन
ज्ञात हो कि जनवरी 2023 में बृज भूषण के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों को सार्वजनिक करते हुए जंतर मंतर, नई दिल्ली में पहलवान खिलाड़ियों द्वारा धरना दिया गया था। तब केंद्र सरकार द्वारा आरोपों की जांच के लिए एक समिति बनाने का आश्वासन दिए जाने के बाद, जनवरी 2023 में विरोध प्रदर्शन बंद कर दिया गया। समिति द्वारा रिपोर्ट 5 अप्रैल 2023 को प्रस्तुत की गई लेकिन इसे सार्वजनिक नहीं किया गया। प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए 23 अप्रैल 2023 को अपना विरोध प्रदर्शन फिर से शुरू किया।
सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप बाद दायर की गई प्राथमिकी
दिल्ली पुलिस – जो केंद्र सरकार के अधीन है, ने अभियुक्तों के खिलाफ उच्चतम न्यायालय के दखल के बाद ही प्राथमिकी दर्ज की। आरोपों के संज्ञेय होने के बावजूद लंबे समय तक निष्क्रिय रहने के बाद पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज की गई जबकि भारतीय दंड संहिता के अनुसार तत्काल प्राथमिकी दर्ज करना अनिवार्य है।
आरोपी बृजभूषण को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग
प्रदर्शन में शामिल विभिन्न संगठनों की मांग है कि चूंकि अपराध संज्ञेय प्रकृति का और पाक्सो एक्ट के अंतर्गत आता है, इसलिए बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ़्तार कर आरोपों की जांच होनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर बृजभूषण शरण सिंह को बचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया क्योंकि वह भारत की सत्तारूढ़ पार्टी से हैं।
