संभागायुक्त कावरे ने दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय में कुलपति का पदभार किया ग्रहण, कहा-विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ पशुपालन विकास के लिए करें प्रेरित                                

Share this

 

http://durgnews.in/wp-content/uploads/2026/07/SR-Hospital-2.jpeg

किसी भी शोध का लाभ समाज को अवश्य होना चाहिए : डॉ. दक्षिणकर

http://durgnews.in/wp-content/uploads/2026/07/SR-Hospital-1.jpeg

दुर्ग न्यूज, 15 जुलाई। दुर्ग संभाग आयुक्त महादेव कावरे द्वारा दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय, दुर्ग के कुलपति का अतिरिक्त प्रभार ग्रहण किया गया। विश्वविद्यालय के निर्वृत्तमान कुलपति डॉ.एनपी.दक्षिणकर से पदभार लिया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. सोनवणे, वित्त अधिकारी श्री काले, विभिन्न कॉलेजों के अधिष्ठाता एवं अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित थे। पदभार ग्रहण पश्चात संभागायुक्त एवं कुलपति महादेव कावरे एवं निवृत्तमान कुलपति डॉ.दक्षिणकर द्वारा पौधरोपण किया गया। विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ पशुपालन विकास के लिए भी करें प्रेरित कार्यक्रम के तहत विश्वविद्यालय अंतर्गत आने वाले विभिन्न कॉलेज के अधिष्ठाताओं द्वारा डॉ. दक्षिणकर द्वारा किए गए कार्यों की प्रशंसा की गई, साथ ही विश्वविद्यालय के लिए उनके द्वारा दिए योगदान के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया। कुलपति महादेव कावरे ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा पूर्व में भी शासन की महत्वपूर्ण योजना नरुवा, गरुवा, घुरुवा, बाड़ी के लिए काफी सहयोग किया गया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी अनुसंधान, अधोसंरचना एवं विद्यार्थियों की शिक्षा के क्षेत्र में भी अनवरत रूप से विभिन्न प्रकार के कार्य किए जाएंगे। साथ ही पशुपालन क्षेत्र में बनाई गई योजना का लाभ शहर से गांव के अंतिम छोर में रहने वाले किसानों एवं हितग्राहियों को मिले। इस योजना से ही निरंतर कार्य किया जाएगा। श्री कावरे ने उपस्थित अधिकारियों से कहा कि किसी भी टीम की सफलता में टीम के कैप्टन के साथ सभी खिलाड़ियों का योगदान होता है, उसी प्रकार विश्वविद्यालय में भी सभी अधिकारी एवं कर्मचारी टीम के रूप में मिलकर कार्य कर विश्वविद्यालय को प्रदेश ही नहीं देश में नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सकता है। विश्वविद्यालय के विभिन्न उपलब्धियों के लिए सहयोगियों को दिया धन्यवाद। किसी भी शोध का लाभ समाज के लोगों को अवश्य होना चाहिए । निर्वृत्तमान कुलपति डॉ.एनपी. दक्षिणकर ने अपने उद्बोधन में कर्मचारियों को विश्वविद्यालय को प्राप्त उपलब्धियों के लिए अधिष्ठाता, प्राध्यापकों एवं अधिकारियों द्वारा दिए गए सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने सोनकुकरी नस्ल एवं कोसली नस्ल, फाडर कैफेटेरिया के अनुसंधान में मिले उपलब्धि के लिए भी धन्यवाद एवं बधाई दी। डॉ. दक्षिणकर ने अधिष्ठाताओं एवं प्राध्यापकों को कहा की शोध इस प्रकार का हो कि किसी शोध का लाभ समाज को मिले। इसके साथ ही उद्यमिता विकास एवं शिक्षा के अभिसरण से पशुपालन क्षेत्र में भी उपलब्धि प्राप्त किए जाने हेतु किए गए विशेष कार्य से अवगत कराया एवं इस हेतु अधिकारियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।

READ MORE  बस्तर की आदिम जन संसद को राजपथ पर दिखाएंगे भिलाई के रिखी, राजपथ पर 10 वीं बार राष्ट्रीय परेड का हिस्सा बनेगी रिखी और उनकी टीम 
Share this