दुर्ग न्यूज, 22 सितंबर। चक्रधर समारोह के समापन समारोह में छत्तीसगढ़ सहित शहर के स्थानीय कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुति दी। इस बार का चक्रधर समारोह खास रहा। तीन दिन के आयोजन में रिकॉर्ड एक हजार से अधिक कलाकारों ने शानदार रंगारंग प्रस्तुतियां दी। स्थानीय प्रतिभाओं, बाल कलाकारों के साथ राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति बटोर चुके कला दिग्गजों ने समारोह में शिरकत की। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के 60 कलाकारों के दल के अलग-अलग विधाओं में प्रस्तुतियां दी गई, जिसमें वादन, छत्तीसगढ़ के राज्य गीत अरपा पैरी के धार पर छात्र-छात्राओं ने खूबसूरत नृत्य के माध्यम से दर्शकों का मन मोह लिया। नृत्य में संपूर्ण छत्तीसगढ़ की झलक दर्शकों को देखने की मिली। इसी प्रकार कार्यक्रम का विशेष केंद्र रहा ‘लोक में राम’ जिसमें छत्तीसगढ़ के लोक गीतों एवं नृत्यों में श्रीराम को किन-किन रूपों में पूजे जाते हैं, उसे लोक संगीत विभाग के छात्र-छात्राओ और कलाकारों ने लोक में राम की राम के माध्यम से बखूबी प्रस्तुत किया। कुलपति इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय पद्मश्री ममता चंद्राकर के मार्गदर्शन में सशक्त भागीदारी रही।
रायगढ़ घराना की तब्बू परबीन ग्रुप ने कथक नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी, जिसमें नन्ही बच्चियों नृत्य में दर्शकों के बीच विशेष केंद्र में रही और दर्शकों को बांधे रखा। आशना दिल्लीवार के कथक नृत्य की सुंदर प्रस्तुति ने दर्शकों को ताली बजाने से अपने आप को रोक नहीं पाए। इबरार अहमद एवं संजय चौहान रायगढ़ ने छत्तीसगढ़ी भजन/लोकगायन से समारोह के मंच में झूमने को मजबूर कर दिया। सुश्री सुहानी स्वर्णकार सारंगढ़ द्वारा कथक नृत्य तो डॉ.गौरव कुमार पाठक बिलासपुर द्वारा शास्त्रीय गायन से दर्शकों को बंधे रखा। चक्रधर समारोह में अनिल तांडी एवं ग्रुप भिलाई द्वारा भरत नाट्यम की मनमोहक प्रस्तुति ने मंत्र मुग्ध कर दिया। उन्होंने अपने शिष्यों के साथ सरस्वती श्लोक, जति-स्वरम तथा देवी कीरतनम में भरतनाट्यम नृत्य प्रस्तुति दी। अनिल तांडी ने भरतनाट्यम की पारंपरिक शिक्षा इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ से ली है।
मनोज तिवारी ने जस जागरण लोक संस्कृति रायगढ़ ने राम जी की सेना, राम जी की सेना चली..हर हर महादेव का जोश पूर्ण प्रस्तुति दी। सुश्री शार्वी सिंह परिहार द्वारा अपने मनमोहक कथक नृत्य से दर्शकों को बांधे रखा। शास्त्रीयधरित्री सिंह चौहान पुसौर ने कथक नृत्य की प्रस्तुति दी। शेखर गिरी एवं ग्रुप द्वारा पंथी नृत्य पर जोरदार प्रस्तुति दी। ग्रुप ने देश के विभिन्न राज्यों के मंच में प्रस्तुति दे चुके हैं। इसके साथ विभिन्न अवार्ड तथा पुरुस्कारों से सम्मानित हो चुके है। विवेकानंद पुरस्कार इंटरनेशनल करेजियस 2020 अवार्ड एवं अन्य की पुरस्कारों से सम्मानित है वाल्मीकि अवार्ड भारतीय दलित साहित्य अकादमी से पुरस्कृत ग्रुप ने तोरे भरोसा म नैय्या लग रेव बीच भंवर मा.. में शानदार नृत्य की प्रस्तुति दी।
डॉ.दीपिका सरकार एवं ग्रुप द्वारा भरत नाट्यम के माध्यम से अपनी घुंघरू की खनक राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बिखेर चुकी है। उन्होंने गणेश वंदना से अपनी प्रस्तुति प्रारंभ की। श्री हरे कृष्ण तिवारी सारंगढ़ ने अपने बांसुरी वादन से मंच को सुरुली स्वर से गुंजायमान किया।
जसगान एवं लोक गायन से बही भक्ति धारा
विजय शर्मा ने जसगान एवं लोक गायन के साथ मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति दी। चंद्रा सैनी मैया तोरे जस गाओ ओ..माता जस गीत, कोरी कोरी नारियल चढ़े, ओ दाई मोर लाली लाली चुनरी ओढ़े.. चैईत के महिना दाई आबे मंझनी, बोरे बासी संग म खवाहू तोला ओ पाताल चटनी…जैसे गीतों की झड़ी से दर्शक भक्ति भाव से विभोर हो गए। सुश्री गीतिका वैष्णव ने महिषासुर मर्दिनी पर ओज पूर्ण प्रस्तुति दी।

छत्तीसगढ़ी लोकगीत में झूमे श्रोता, तालियोंं की गडग़ड़ाहट से गूंजा ऑडिटोरियम
विजय सिंह ग्रुप के छत्तीसगढ़ी लोक गीत की प्रस्तुति से ऑडिटोरियम में बैठे श्रोतागण झूृम उठे। उन्होंने आगे हरेली तिहार, करमा कुहकी गाबो मांदर के ताल मा.. गौरा-गौरी, गोहर गोहर, गौरा गौरी की प्रस्तुति दी। साथ ही उन्होंने दुर्गा जस गीत एवं होली के उत्सव पर गाये जाने वाले फाग गीत पर गायन एवं नृत्य से दर्शकों का मनोरंजन किया। उन्होंने राउत नाचा के माध्यम से डेंगू से बचाव का संदेश दिया।
