निगरानी बदमाशों को पुलिस कंट्रोल रूम बुलाकर लिया गया फिंगर प्रिंट व डिटेल्स | Finger print and details were taken by calling the surveillance miscreants to the police control room

Share this

भिलाई2 घंटे पहले

http://durgnews.in/wp-content/uploads/2026/07/SR-Hospital-2.jpeg
  • कॉपी लिंक
अपराधियों के फिंगर प्रिंट व डिटेल्स होंगे ऑनलाइन - Dainik Bhaskar

अपराधियों के फिंगर प्रिंट व डिटेल्स होंगे ऑनलाइन

http://durgnews.in/wp-content/uploads/2026/07/SR-Hospital-1.jpeg

अब छत्तीसगढ़ भी नेशनल ऑटोमेटिक फिंगर आईडेंटिटी सिस्टम (NAFIS) से जुड़ने जा रहा है। इसके लिए दुर्ग पुलिस ने पहल भी शुरू कर दी है। पुलिस जिले के अपराधियों का पूरा डाटा ऑनलाइन अपने साइबर सर्वर में फीड कर रही है। इसके लिए जिले के सभी निगरानी बदमाशों को पुलिस कंट्रोल रूम बुलाया जा रहा है। यहां फ्रिंगर प्रिंट्स के साथ उनका बैंक, आधार और पैन डिटेल्स तक लिया जा रहा है। दुर्ग एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने बताया कि पुलिस अपराधियों के फोटो के साथ साथ फिंगर प्रिंट भी संग्रहित करेगी। ऐसे में यदि कोई अपराधी फिर से अपराध करता है और उसके फिंगर प्रिंट्स वहां मिलते हैं तो उसकी मौजूदगी का पता तुरंत चल जाएगा। पुलिस जिले के सभी बड़े अपराधियों का डाटा लेकर उसे अपने सर्वर में डालेगी। इसके जरिए बार-बार अपराध करने वाले अपराधियों को आसानी से पकड़ा जा सकेगा। गुरुवार से अलग-अलग निगम व पालिका क्षेत्र के निगरानी बदमाशों को बुलाया जा रहा है। भिलाई निगम क्षेत्र के 35 निगरानी बदमाशों का नाम पता और डिटेल्स के लेने के बाद उनकी फोटो और फिंगर प्रिंट्स को लिया जा रहा है।

भिलाई नगर निगम क्षेत्र के निगरानी बदमाश

भिलाई नगर निगम क्षेत्र के निगरानी बदमाश

अपराधियों की धरपकड़ में फिंगर प्रिंट होगा मददगार
एसपी दुर्ग के मुताबिक अपराधियों की धरपकड़ में और अपराध के सबूत जुटाने में फिंगर प्रिंट पुलिस के लिए काफी मददगार होते हैं। जो अपराधी बार-बार अपराध करते हैं उनकी पहचान आसानी हो पाएगी। पकड़े जाने के बाद जैसे ही पुलिस अपराधी का फिंगर प्रिंट लेगी उसकी पूरी कुंडली कंप्यूटर में खुल जाएगी। इसके लिए पुलिस फिंग्रर प्रिंट ऑनलाइन अपडेट कर रही है।

फिंगर प्रिंट से मिलेगी अपराधियों की कुंडली

फिंगर प्रिंट से मिलेगी अपराधियों की कुंडली

दूसरे जगहों पर नाम बदल कर रहने वाले भी आएंगे गिरफ्त में
कई बार अपराधी पराध करने के बाद दूसरे जनपदों में या अन्य स्थानों पर नाम बदलकर रहने लगता है। पुलिस पहले से उसका फिंगर प्रिंट ऑनलाइन करके रखेगी तो वो जैसे ही कहीं भी फिंगर का उपयोग करेगा नेशनल ऑटोमेटिक फिंगर आईडेंटिटी सिस्टम से पता चल जाएगा कि वो अपराधी कहां है। इससे उसे आसानी से पकड़ा जा सकेगा।
पुलिस का काम हो जाएगा आसान
एसपी के मुताबिक अपराधियों का डाटा ऑनलाइन छत्तीसगढ़ ही नहीं पूरे भारत में भी हो रहा है। यह डाटा नेशनल ऑटोमेटिक फिंगर आईडेंटिटी सिस्टम में अपलोड होगा। ऐसा हो जाने से पुलिस का काम काफी आसान हो जाएगा। पुलिस एक जगह पर बैठकर इंटरनेट की मदद से कुछ ही मिनट में यह पता लगा लेगी कि पकड़ा गया युवक पहली बार अपराध कर रहा या बार-बार। उसके खिलाफ कहां-कहां क्या-क्या अपराध दर्ज हैं। इतना ही नहीं यदि वो कहीं भी अपने एटीएम पासपोर्ट या आधार का उपयोग करेगा तो उसकी जानकारी पुलिस को मिल जाएगी।

खबरें और भी हैं…

Share this
READ MORE  बाइक की टक्कर से घायल ग्रामीण अंबिकापुर रेफर, चालक पर केस | Rural Ambikapur referee injured in bike collision, case on driver