
-संतोष मिश्रा

दुर्ग न्यूज़, 11 फरवरी। बेहतर भविष्य के लिए लोकलुभावन झांसे में आकर रोजगार के लिए भारत से मस्कट गईं कई लड़कियां और महिलाएं दिल पसीज देने वाला दर्द बयां कर रही हैं। हाल ही में भिलाई की दीपिका को रेस्क्यू कर भारत लाया गया है लेकिन मस्कट में फंसी लगभग आधा सैकड़ा महिलाएं एम्बेसी में भारत भेजने की गुहार लगाते कतार में खड़ी हैं। कुछ महीने पहले घर के हालात सुधारने के लिए वो मस्कट गईं जहां पर उन्हें अलग अलग शेख परिवारों में काम करने के लिए लगाया गया लेकिन जो काम और मेहनताना बताया गया था उन सब सुविधाओं में वो खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही हैं। मस्कट में दो-दो साल के एग्रीमेंट बाद उनके सारे दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर शेख परिवार उन्हें खाना तक नहीं देते हैं, उसके साथ मारपीट की जाती है। अपना दर्द बयां करते हुए चेन्नई की एक महिला ने दीपिका को बताया कि उसे ब्यूटी पार्लर काम करने का कह कर टूरिस्ट वीजा पर मस्कट भेजा गया। मस्कट पहुंचते ही उसके दस्तावेज छीन लिए गए और उसे एक शेख के घर पर काम करने के लिए मजबूर किया गया। जब उसने इसका विरोध किया तो उसके साथ मारपीट भी की और उसे बंधक बना कर कमरे बंद कर दिया गया। उसे कई दिन तक भूखे रख मारपीट की गई। दीपिका ने बताया कि मस्कट में अन्य भारतीय लड़कियां और महिलाएं बड़ी संख्या में फंसी हुई हैं, उसने सरकार से मांग की है कि वहां पर फंसी अन्य भारतीय लड़कियों को भी सुरक्षित वापस लाया जाए। अपने दर्द को बयां करती कुछ महिलाओं ने वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन को बाकायदा विडियो बना कर भेजा और भारत वापस लाने की गुहार लगाई है। विधायक रिकेश सेन ने कहा कि वो इसके लिए जो पहल हो सकती है अवश्य करेंगे। चूंकि मामला अलग अलग राज्यों से जुड़ा हुआ है इसके लिए उनसे पत्राचार कर विदेश मंत्रालय में भी जानकारी दे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक भी मस्कट में फंसी भारतीय महिलाओं की अपील भेजी जा रही है।

किडनी पेन से परेशान हूं – हैदराबाद की महिला का दर्द
एक महिला ने विडियो में बताया कि वह इंडियन है, हैदराबाद से। उझे मस्कट से इंडिया भेज देंगे कह कर दुबई बुलाया गया, दुबई से इंडिया नहीं फिर मस्कट भेज दिए। मस्कट में बहुत टॉर्चर हुआ, किडनी पेन होने की वजह से वह काम नहीं कर सकी, इंडियन एम्बेसी में आकर उसे दो महीने हो गए हैं, उसे इंडिया आना है।
आईडी पासपोर्ट सब उनके कब्जे में – पंजाब की ज्योति
पंजाब की ज्योति ने मस्कट इंडियन एम्बेसी से गुहार लगाते हुए विडियो में बताया है कि उसका आईडी प्रूफ, पासपोर्ट सहित सारे कागजात उन लोगों ने ले लिया है। वापस जाने के लिए 3 लाख मांग रहे हैं, मैं बहुत गरीब घर से हूं, मेरी मदद करो मुझे इंडिया आना है।
पिता का आपरेशन हुआ, पति ने साथ छोड़ा – मुम्बई की अनुराधा
मुम्बई की अनुराधा भी मस्कट इंडियन एम्बेसी में पिछले एक महीने से भारत लौटने की कतार में है। उसने बताया कि वापसी के लिए उससे 100 रियाल मांगा जा रहा है जो उसके और परिवार के पास नहीं हैं। अनुराधा के पिता का आपरेशन हुआ है, उसका पति से डिवार्स भी हो चुका है। अनुराधा बता रही हैं कि उसके पास रूपये नहीं हैं वह इंडिया लौटना चाहती है और हेल्प की गुहार लगा रही है।
एक साल की वेटिंग बाद भी कईयों का नहीं आया नंबर- भिलाई की दीपिका
भारत से अच्छी नौकरी और बेहतर सैलरी का झांसा देकर महिलाएं कुछ प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से टूरिस्ट वीजा पर मस्कट भेजी जाती रहीं हैं, जहां इनका वर्किंग वीजा बना एग्रीमेंट कर पासपोर्ट आदि शेख परिवार अपने कब्जे में लेकर इनसे काम करवाते हैं। ब्यूटीशियन, कुक या फिर एक बुजुर्ग दम्पत्ति की देखभाल का काम बता कर महिलाओं को 40 से 50 हजार की सैलरी का झांसा दे भारत से मस्कट भेजा जाता है लेकिन वहां पहुंच सारे वायदों का सब्जबाग और सुविधाएं फना हो जाती हैं। उनके पासपोर्ट छीन लिए जाते हैं और विरोध करने पर उन्हें अपने परिवार से छोड़ने के बदले मोटी रकम मंगाने के लिए मजबूर किया जाता है। ओमान में भारतीय दूतावास से सम्पर्क बाद भी ऐसी महिलाओं को कोई मदद नहीं मिल रही है। भिलाई पहुंची जोगी दीपिका ने बताया कि मस्कट इंडियन एम्बेसी से भारत भेजने की गुहार लगाने वाली भारतीय लड़कियों और महिलाओं की लंबी फेहरिस्त है जिसमें एक एक साल की वेटिंग बाद भी उनका नंबर नहीं लगा है। इन सभी महिलाओं वहां दो वक्त की रोटी के लिए भी काफी जद्दोजेहद का सामना करना पड़ रहा है।
आपको बता दें कि जनवरी महीने में हैदराबाद की रहने वाली 48 वर्षीय महिला ने भी विदेश मंत्री एस जयशंकर से उसे ओमान से छुड़ाने की गुहार लगाई थी। पीड़ित महिला ने आरोप लगाया है कि नौकरी देने के बहाने एक महिला ने उसकी तस्करी कर दी। महिला का वीडियो सामने आने के बाद ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने अपनी प्रतिक्रिया दी और बताया है कि दूतावास के अधिकारियों ने फरीदा बेगम से बात की है। उसे शहनाज बेगम नाम की एक महिला ने दुबई में घरेलू नौकरानी के रूप में काम करने की पेशकश की थी। उन्होंने रहने के लिए घर और खाने के अलावा 14 हजार दिरहम का भुगतान करने का वादा किया था और कहा कि अगर आपको नौकरी पसंद नहीं आए तो वह अपने घर लौट सकती है। 4 नवंबर 2023 को फरीदा बेगम 30 दिनों के लिए विजिटर वीजा पर यूएई गई थी। उसके दुबई पहुंचने के बाद उसे एक अरब परिवार में ले जाया गया, जहां वो काम करती थी। लेकिन एक महीने बाद वो गंभीर रूप से बीमार हो गई और उसने अपने घर लौटने की बात कही पर शहनाज बेगम ने कथित तौर पर उनका पासपोर्ट रख लिया। इसी दौरान उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। मस्कट में ही उनके गुर्दे के इंफेक्शन का पता चला है, वह बहुत दर्द में है, उसके बच्चे और पति उसे लेकर काफी परेशान हैं मगर आज तक वह मस्कट में ही अपने वतन लौटने की आस में दर्द भरे एक एक दिन काट रही है।
