
दुर्ग न्यूज़, 31 मई। धमतरी जिले का गंगरेल बांध, जिसे रविशंकर जलाशय के नाम से जाना जाता है। दूर-दराज से सैलानी इस गंगरेल बांध की खूबसूरती को देखने और घूमने के लिए पहुंचते हैं। भीषण गर्मी की वजह से यह जलाशय पूरी तरह से सूखने की परिस्थिति में पहुंच चुका है। इसमें केवल 87 दिन का ही पानी बचा हुआ है। इस गंगरेल बांध से धमतरी जिले के अलावा रायपुर, बिरगांव व अन्य क्षेत्रों में भी पानी सप्लाई होती है। यह जलाशय 15 से 18 लाख की आबादी की प्यास बुझाती है लेकिन इस गंगरेल बांध में पानी केवल 2.824 टीएमसी बचा हुआ है। इस कारण यहां पानी केवल पेयजल के लिए ही प्रदाय किया जा रहा है। अन्य कार्यों के लिए पानी प्रदाय बंद कर दिया गया है।

जल संसाधन विभाग के अधिकारी आशुतोष सारस्वत और जिले की कलेक्टर नम्रता गांधी का कहना है कि पानी का जल स्तर कम होने की वजह से केवल पेयजल के लिए ही पानी दिया जा रहा है। अन्य कार्यों के लिए पानी बंद कर दिया गया है। भिलाई स्टील प्लांट के लिए तांदुला जलाशय से पेयजल के लिए पानी दिया जा रहा है।

