
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पर्यटन विकास को नई दिशा देने वाले भोरमदेव पर्यटन कॉरिडोर का भूमिपूजन नववर्ष के पहले दिन होने जा रहा है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल से लगभग 146 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले इस परियोजना का भूमिपूजन केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे।

आयोजन की तैयारियों का जायजा लेने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भोरमदेव मंदिर परिसर स्थित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर तैयारियों की विस्तार से जानकारी ली और दिशा-निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने मुख्य मंच एवं बैठक व्यवस्था, जनसमुदाय की बैठक व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, पेयजल सहित आयोजन से संबंधित अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, सभापति डॉ वीरेंद्र साहू, कलेक्टर गोपाल वर्मा, एएसपी पुष्पेंद्र सिंह बघेल, एडीएम विनय पोयाम सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
भोरमदेव मंदिर परिसर अपनी प्राचीन स्थापत्य कला और धार्मिक आस्था के लिए प्रसिद्ध है। पर्यटन कॉरिडोर के निर्माण से यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, जिससे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति मिलेगी। भोरमदेव पर्यटन कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत सड़क, पार्किंग, व्यू प्वाइंट, पर्यटक सुविधा केंद्र, सौंदर्यीकरण एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इससे न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी खुलेंगे।

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राज्य सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जाए। भोरमदेव कॉरिडोर इसी सोच का परिणाम है, जो आने वाले वर्षों में क्षेत्र की पहचान को और मजबूत करेगा। भोरमदेव पर्यटन कॉरिडोर का भूमिपूजन न केवल नए साल की शुरुआत को खास बनाएगा, बल्कि छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर एक नई उपलब्धि के रूप में दर्ज होगा। यह परियोजना राज्य के ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
