

चंडीगढ़। पंजाब की राजनीति में उस समय उबाल आ गया जब आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं और सांसदों के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की खबरों के बाद कार्यकर्ताओं में नाराज़गी खुलकर सामने आई। कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए और नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की गई।
जालंधर में राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह के आवास के बाहर प्रदर्शनकारियों ने गुस्सा जताया और दीवारों पर आपत्तिजनक नारे लिखे। इसी तरह लुधियाना में राजेंद्र गुप्ता के कार्यालय के बाहर भी विरोध देखने को मिला।

इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व विधायक एचएस. फुलका ने पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए। उन्होंने अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है।
वहीं, पंजाब सरकार में मंत्री और AAP नेता अमन अरोड़ा ने इन घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि पार्टी ऐसे हालात से घबराने वाली नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन मजबूत है और इस मामले में कानूनी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
इस बीच, विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर निशाना साधा है। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के बयान पर पलटवार करते हुए अरोड़ा ने कहा कि विपक्ष को पहले अपनी स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।
उधर, अशोक कुमार मित्तल के भाजपा में जाने की खबर के बाद उनके संस्थान के बाहर भी विरोध प्रदर्शन हुआ, जहां कार्यकर्ताओं ने धरना दिया और पुतला फूंका।
फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम ने पंजाब की सियासत को गरमा दिया है और आने वाले दिनों में इसके और असर देखने को मिल सकते हैं।
