महिला आयोग की जनसुनवाई में महत्वपूर्ण फैसले, मोबाइल मुआवजा, डीएनए टेस्ट और सेवा समाप्ति की अनुशंसा

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दुर्ग। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं प्रभारी सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया ने आज दुर्ग स्थित प्रेरणा सभा कक्ष में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों की जनसुनवाई की। आयोग की 399वीं प्रदेश स्तरीय एवं दुर्ग जिले की 15वीं सुनवाई में दुर्ग, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों के कुल 50 प्रकरणों की सुनवाई की गई।

 

सुनवाई के दौरान आयोग ने कई महत्वपूर्ण मामलों में निर्णय और अनुशंसाएं जारी कीं। एक मामले में खराब मोबाइल फोन से संबंधित शिकायत पर आयोग ने आवेदिका को उपभोक्ता फोरम में मोबाइल की पूरी कीमत, नया मोबाइल तथा डेढ़ वर्ष की मानसिक क्षतिपूर्ति का दावा प्रस्तुत करने की सलाह दी।

एक अन्य प्रकरण में शासकीय सेवा में रहते हुए द्विविवाह के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर आयोग ने संबंधित दो शासकीय कर्मचारियों की सेवा समाप्ति की अनुशंसा जिला प्रशासन को भेजने का निर्णय लिया। सुनवाई के दौरान लंबे समय से लंबित एक पारिवारिक विवाद में आयोग की पहल पर आवेदिका को एक लाख रुपये नगद एवं विवाह में दिया गया सामान वापस दिलाया गया। शेष राशि निर्धारित किश्तों में देने पर दोनों पक्षों में सहमति बनी। पितृत्व संबंधी एक मामले में आयोग ने संबंधित पक्षों के डीएनए परीक्षण की अनुशंसा करते हुए कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

इसके अलावा कई मामलों में आपसी समझौते, सामाजिक सुलह एवं न्यायालय में प्रकरण विचाराधीन होने के आधार पर मामलों का निराकरण किया गया। सुनवाई के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग दुर्ग द्वारा डॉ. किरणमयी नायक के छह वर्षीय कार्यकाल के लिए उनका सम्मान किया गया। आयोग ने कहा कि महिलाओं को त्वरित न्याय और अधिकार दिलाने के लिए इस प्रकार की जनसुनवाई आगे भी जारी रहेगी।

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