

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में मां-बेटी की हत्या के मामले में पुलिस ने 21 दिन बाद सनसनीखेज खुलासा किया है। छापरपानी (लैलूंगा) पुलिस ने 40 वर्षीय महिला और उसकी 10 महीने की मासूम बेटी की हत्या के आरोप में 65 वर्षीय भिखारी राम नागवंशी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने महिला के साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की। महिला के विरोध करने पर उसने ईंट से हमला कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के दौरान बच्ची के रोने पर आरोपी ने उसकी भी हत्या कर दी।
दोनों के शव 16 जुलाई को एक खेत में बने बोर मकान से बरामद हुए थे। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। मृतका मानसिक रूप से अस्वस्थ बताई जा रही है।
रात में मकान में घुसा था आरोपी
पुलिस के अनुसार, आरोपी रात के समय बोर मकान में घुसा था। वहां महिला अपनी 10 महीने की बेटी के साथ सो रही थी। आरोपी ने महिला के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया। महिला ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने पास में रखी ईंट से उसके सिर और चेहरे पर कई वार कर दिए। हमले में महिला गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गई।
आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने महिला के साथ दुष्कर्म किया। इसी दौरान उसकी 10 महीने की बेटी रोने लगी। पुलिस के मुताबिक बच्ची के रोने से घबराए आरोपी ने उसका गला दबाया और ईंट से हमला कर उसकी भी हत्या कर दी।
खून से सने कपड़े बने अहम सबूत
वारदात के बाद आरोपी ने अपने खून से सने कपड़े बदल दिए और उन्हें छिपा दिया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से खून से सने कपड़े बरामद किए हैं। पुलिस का दावा है कि ये कपड़े मामले की जांच में अहम सबूत साबित हुए हैं।
21 दिन बाद सुलझी मां-बेटी की हत्या की गुत्थी
मां-बेटी की हत्या के बाद पुलिस के सामने आरोपी की पहचान और घटना की वजह का पता लगाना बड़ी चुनौती थी। रायगढ़ पुलिस और साइबर सेल ने वैज्ञानिक साक्ष्यों समेत अन्य सुरागों के आधार पर जांच की और आखिरकार 65 वर्षीय भिखारी राम नागवंशी को गिरफ्तार कर लिया। उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
