फेक कस्टमर केयर नंबर्स से हो रही ठगी, रायपुर के बुजुर्ग ने गंवाए 14 लाख | Mobile fraud in Raipur Fraud number of 14 lakhs searched from internet Fraud crime local Raipur

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रायपुर11 मिनट पहले

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रायपुर में एक बुजुर्ग के खाते से 14 लाख रुपए पार हो गए। डिजिटल ठगी के शिकार हुए बुजुर्ग ने अब पुलिस से मदद मांगी है। ठग ने फोन पर अपनी बातों में बुजुर्ग को उलझा लिया और खाते से रकम उड़ा ली। रायपुर में पहले भी इस तरह के कांड हो चुके हैं। इस केस मंे फेक कस्टमर केयर नंबर्स के जरिए बुजुर्ग के साथ धोखाधड़ी की गई कैसे जानिए इस रिपोर्ट में।

अशोका हाईट्स मोवा में रहने वाले 62 साल के सुदर्शन जैन के साथ ये फ्रॉड हुआ है। मोवा थाने की पुलिस इस केस की छानबीन कर रही है। जैन ने बताया कि इनका खाता ICICI और IDFC बैंक में हैं। इनके पास एक ओटीपी आया, जबकि जैन ने कोई सर्विस के लिए अप्लाय नहीं किया था। उन्होंने अपने बैंक आई डी एफ सी जाकर कंपलेन की, तब बैंक वालों ने फोन नंबर चेंज करने की सलाह दी। शुक्रवार को बुजुर्ग ने अपने पेटीएम में मोबाइल नंबर बदलने का प्रयास किया।

गूगल पर जाकर उन्होंने कस्टमर केयर का नंबर सर्च किया। उन्हें 9643979797 नंबर मिला । इस नंबर पर कॉल किया गया तो फोन पर बात करने वाले फर्जी कस्टमर केयर कर्मचारी ने प्लेस्टोर से QS सपोर्ट ऐप डाउनलोड करने कहा । ऐप को ओपन कर बुजुर्ग ने अपने पुराने और नए नंबर को मेन्शन किया। ये करते ही ICICI के खाते से 55999/- HDFC से 245000/-ICICI के क्रेडिट कार्ड से 100000/- इंडसइंड बैंक क्रेडिट कार्ड से 54999/-,9999/-,409438/-,17499/- रूपये,

IDFC क्रेडिट कार्ड से 80109/-,35999/-,54999/- रूपये HDFC क्रेडिट कार्ड से 335000/- रूपये इस प्रकार कुल 14 लाख 49 हजार 041 रूपये का आनलाईन ट्रांसफर कर लिए गए। बुजुर्ग ने तत्काल ये जानकारी रायपुर के सायबर सेल सिविल लाईन में दी। किसी तरह इनके 409000 रूपये होल्ड कराए गए। इनके 1040041 रुपए अब भी ठगों के पास ही हैं। इस मामले मंे अब पुलिस बैंक खातांे के जरिए ठगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

फर्जी नंबर्स का जाल इंटरनेट पर
ठग गिरोह इस तरह की ठगी यूपी, दिल्ली और झारखंड जैसे राज्यांे मंे बैठकर करते हैं। उन्हें पता होता है कि लोग अधिक किस सर्विस के नंबर इंटरनेट पर सर्च करते हैं। वहां ठग अपने नंबर अपडेट कर देते हैं। लोगों को जब सर्च पर ठग के नंबर दिखते हैं तो वो उन्हें सही मानकार कॉल करते हैं और फिर ठग लोगांे को झांसे में लेते हैं। इससे बचने के लिए लोगों को ऑफिशियल साइट्स पर जाकर ही नंबर्स पर संपर्क करना चाहिए।

हो चुकी है ऐसी ही एक और ठगी
रायपुर में पिछले महीने एक सरकारी कर्मचारी को आई स्पेशलिस्ट डॉ दिनेश मिश्र के फर्जी नंबर के जरिए ठगा गया। रायपुर के पंडरीतराई में रहने वाले खोमेश्वर राम देवांगन बीपी पुजारी शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में साल 2019 से संकुल समन्वयक के पद पर काम कर रहे हैं। इन्हें आंखों का चेकअप करवाना था। अपने मोबाइल फोन से रायपुर के मशहूर आई एक्सपर्ट डॉ दिनेश मिश्रा की क्लीनिक का नंबर ढूंढ रहे थे। एक नंबर मिला उस पर कॉल किया मगर कॉल कनेक्ट नहीं हुई।

खोमेश्वर ने बताया है कि इसके बाद उन्हें 8815499881 मोबाइल नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले से खोमेश्वर ने पूछा कि क्या आप डॉ दिनेश मिश्रा के अस्पताल से बोल रहे हैं , तो कॉलर ने हां में जवाब दिया। फिर खोमेश्वर ने डॉक्टर का अपॉइंटमेंट देने को कहा, कॉलर ने कहा कि इसके लिए वाट्सअप पर बुकिंग एप की लिंक भेज रहा हूं उसपर 10 रू का पेमेंट करके समय फिक्स किया जाएगा। इसके बाद इनके खाते से 1 लाख रुपए निकाल लिए गए।

ऐसे बचें डिजिटल फ्रॉड से

  • अनजान व्यक्ति आपको कॉल मैसेज कर लुभावना ऑफर देता है, किसी सर्विस के ब्लॉक होने का भय दिखाता है, ऑनलाइन खरीदारी या व्यक्तिगत जानकारी देकर आप को विश्वास में लेता है और इस तरीके से लोग ठगी का शिकार हो जाते हैं।
  • किसी भी सूरत में अनजान कॉलर से अपने फोन पर बैंक से जुड़ी निजी जानकारी आधार का नंबर या पैन कार्ड की जानकारी, एटीएम का ओटीपी कतई साझा ना करें।
  • बीमा, फाइनेंस, किश्त, लोन, केवाईसी अपडेट, सिम ब्लॉक होना, लॉटरी लगी है, कौन बनेगा करोड़पति, लकी ड्रॉ जैसे फोन कॉल या मैसेज के झांसे में बिल्कुल ना आए
  • लोन ऐप के झांसे में भी ना आए क्योंकि ऐसे में जानकारी हासिल हो जाने के बाद ऐप के संचालक लोगों को ब्लैकमेल करते पाए गए हैं।
  • अनजान व्यक्ति के कहने पर किसी भी एप्लिकेशन जैसे क्विक सपोर्ट, एनी डेस्क टीम व्यूवर को इन्स्टॉल ना करें। इससे फोन या कंप्यूटर हैक हो सकता है।
  • अनजान नंबर से आए लिंक को कभी क्लिक ना करें, रजिस्ट्रेशन अथवा अकाउंट टेस्ट करने के नाम से 10 रुपए की राशि ट्रांसफर कर दीजिए इस तरह की बातें ठग करते हैं।
  • अनजान नंबर की वीडियो कॉल ना उठाएं, फोन उठाते ही आप ब्लैकमेलिंग के शिकार हो सकते हैं। सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करने से बचें।
  • OLX जैसी वेबसाइट पर आर्मी मैन, सीआरपीएफ, बीएसएफ फोर्स से जुड़ा हुआ व्यक्ति बताकर लोग सामान बेचने की बात कहकर ठगी करते हैं।
  • QR कोड स्कैन भेजकर रुपए देने की बात कही जाती है, जबकि इससे पेमेंट आपके खाते से कटकर कोड वाले खाते में चली जाएगी।
  • गूगल पर कस्टमर केयर पर नंबर सर्च करते वक्त सावधानी बरतें, कस्टमर केयर नंबर के लिए हमेशा संबंधित कंपनी की वेबसाइट पर ही जाएं। +92, 440-846922-920 या 940 जैसे नंबर से कॉल आने पर रिसीव न करें ये ठग गैंग के नंबर्स हैं।

ठगी का शिकार होने पर क्या करें
अगर आपको लगे कि आपके साथ कोई डिजिटल फ्रॉड हुआ है तो इसकी फौरन शिकायत करें। साइबर अपराध या ठगी के शिकार होने की स्थिति में टोल फ्री नंबर 1930 पर कॉल करें cybercrime.gov.in पर शिकायत करें या रायपुर पुलिस की साइबर सेल को 0771 4247109 जानकारी दी जा सकती है।

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