जंगली सुअर का शिकार करने के लिए बिछाया गया था तार, लकड़ी लेने गई बुजुर्ग आई चपेट में | Elderly woman came in contact with electric wire laid for wild boar hunting in Raigarh, died on the spot due to electrocution

Share this

रायगढ़एक घंटा पहले

  • कॉपी लिंक
खेत में बुजुर्ग महिला का बुरी तरह से झुलसा हुआ शव। - Dainik Bhaskar

खेत में बुजुर्ग महिला का बुरी तरह से झुलसा हुआ शव।

रायगढ़ जिले के ग्राम गुर्दा में जंगली सुअर के लिए बिछाए गए करंट की चपेट में आकर एक महिला बुरी तरह से झुलस गई। 100 फीसदी झुलस गई महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। मामला खरसिया थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक, खरसिया वन परिक्षेत्र के ग्राम गुर्दा में किसान ने खेत में जंगली सुअरों के लिए बिजली का तार बिछाकर रखा था। महिला बसंती सिदार (60 वर्ष) लकड़ी लेने जंगल में गई थी। खेत से होकर जाने के दौरान वो बिजली की तार की चपेट में आ गई। करंट से बुरी तरह से झुलसकर उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना जंगल से करीब 2 से 3 किमी दूर राजस्व क्षेत्र में घटित हुई है।

घटना की जानकारी लगते ही खरसिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया और आगे की जांच में जुट गई है। पुलिस ने कहा कि जंगली जानवरों के शिकार के लिए कई लोग बिजली का तार बिछाकर रखते हैं। ऐसा करना गैरकानूनी है। खरसिया पुलिस ने इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 304 ए के तहत मामला दर्ज किया है।

खेत में महिला का शव।

खेत में महिला का शव।

रायगढ़ जिले के जंगलों में वन्यजीव विचरण करते हैं। शिकारी लंबे समय से अवैध तरीके से हाईटेंशन तार से जंगलों और खेतों में विद्युत लाइन बिछाकर वन्यप्राणियों का शिकार करते रहे हैं, लेकिन इस पर पुलिस-प्रशासन या वन विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इसकी वजह से शिकारियों के हौसले बुलंद हैं। 9 दिन पहले ही कापू थाना क्षेत्र के ग्राम गोहेसलार कदमढोढ़ी में 10 जनवरी को जंगली सुअर के शिकार के लिए लगाए गए 11,000 हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आने से शौच के लिए जंगल गए युवक की मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।

खबरें और भी हैं…

Share this
READ MORE  हेराल्ड केस में राहुल गांधी के खिलाफ अरूण वोरा की कड़ी प्रतिक्रिया, ... तो क्या राहुल गांधी, पवन बंसल और मल्लिकार्जुन खड़के ने ईडी को झूठा बयान दिया?