बिहार में आसमानी आफत से 25 से ज्यादा लोगों की मौत

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नालंदा। बिहार में भारी बारिश तेज आंधी और बिजली गिरने से 24 घंटों के भीतर 35-40 लोगों की मौत हो गई। मौसम ने यहां भारी तबाही मचाई है। बेमौसम हुई इस प्राकृतिक विपदा ने कई जिलों में दहशत और तबाही मचा दी है, जिससे संपत्ति, फसलें और पशुधन बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

बिहार के कई जिलों में गुरुवार को बिजली गिरने और ओलावृष्टि की घटनाओं में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई, जिससे राज्य में असामान्य मौसम पैटर्न को लेकर दहशत और आशंका फैल गईं। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, सबसे अधिक मौतें नालंदा में हुईं, जहां 22 लोगों की मौत हुई। सीवान में दो लोगों की मौत हुई, जबकि कटिहार, दरभंगा, बेगूसराय, भागलपुर और जहानाबाद में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।

सीएमओ ने कहा, “सरकार इस भयानक घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ है। तत्काल आदेश से राहत उपाय शुरू कर दिए गए हैं।” यह त्रासदी राज्य के चार जिलों में बिजली गिरने से 13 लोगों की मौत के ठीक एक दिन बाद हुई है, जो एक बार फिर इस तरह की मौसम से घबराहट बढ़ी है।

नालंदा में सबसे ज़्यादा मौतें

सबसे ज़्यादा प्रभावित क्षेत्रों में नालंदा ज़िला शामिल है, जहाँ 22 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। ज़िला मजिस्ट्रेट शशांक शुभंकर ने बताया कि 21 लोगों की मौत आंधी-तूफ़ान की वजह से हुई, जबकि एक व्यक्ति की मौत बिजली गिरने की वजह से हुई। अधिकारी सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं, सड़कों को साफ़ करने और बिजली बहाल करने के प्रयास जारी हैं। 350 से ज़्यादा बिजली के खंभे और 15 ट्रांसफ़ॉर्मर क्षतिग्रस्त हो गए।

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कई जिलों में मौतें

नालंदा के अलावा भोजपुर (5 मौतें), गया (3 मौतें) और पटना, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, मुंगेर, बेगूसराय और गोपालगंज सहित कई अन्य जिलों से भी मौतें हुई हैं। कुल मिलाकर, बिजली गिरने और पेड़ गिरने या दीवारें गिरने से 25 लोगों की मौत हो गई। इइसके बारिश के कारण हुई कई हादसे भी दर्ज किए गये हैं, जिसके कारण कई लोगों की जान चली गयी है।

विपक्षी नेता ने सरकार पर मृतकों की संख्या छुपाने का लगाया आरोप

विपक्षी नेता और राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि मरने वालों की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट पर उन्होंने कहा, “मैं बिहार में तूफान, बारिश, बिजली, पेड़ गिरने और दीवार गिरने की घटनाओं में 50 से अधिक लोगों की दुर्भाग्यपूर्ण मौत से स्तब्ध हूं।” यादव ने सरकार से उन किसानों के लिए मुआवजे की घोषणा करने का भी अनुरोध किया, जिन्होंने अप्रत्याशित ओलावृष्टि और बारिश के कारण अपनी फसल खो दी है।

राज्य सरकार फसलों को हुई नुकसान का आकलन करने और आश्रय, भोजन और दवाइयों जैसे राहत उपाय प्रदान करने के लिए स्थानीय आपदा प्रबंधन समितियों के साथ समन्वय कर रही है।

अगले 48 घंटों के लिए चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अगले 48 घंटों में बिहार के अलग-अलग इलाकों में और भी गरज और बिजली गिरने की भविष्यवाणी की है, जिसके कारण प्रशासन द्वारा सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान घर केबाहर न निकलें।

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