मनरेगा से तालाब निर्माण में हुआ जेसीबी का प्रयोग, रोजगार सेवक समेत 4 पर केस | JCB used in construction of pond from MNREGA, case on 4 including employment servant

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धनबाद6 घंटे पहले

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पूर्वी टुंडी प्रखंड में मनरेगा के कार्याें में जेसीबी के इस्तेमाल का खुलासा हुआ है। - Dainik Bhaskar

पूर्वी टुंडी प्रखंड में मनरेगा के कार्याें में जेसीबी के इस्तेमाल का खुलासा हुआ है।

पूर्वी टुंडी प्रखंड में मनरेगा के कार्याें में जेसीबी के इस्तेमाल का खुलासा हुआ है। पूर्वी टुंडी की रघुनाथपुर पंचायत के असुरबांध गांव में लाभुक लखिंदर साेरेन की जमीन पर मनरेगा के तहत वित्तीय वर्ष 2018-19 में 3.98 लाख रुपए से तालाब का निर्माण हुआ था। मनरेगा में मशीन का इस्तेमाल वर्जित है, ताकि अधिक-से-अधिक लाेगाें काे राेजगार मिल सके। विभागीय जांच में पता चला कि तालाब के निर्माण में जेसीबी का उपयाेग किया गया था।

जांच रिपाेर्ट के आधार पर शनिवार काे पूर्वी टुंडी थाने में लाभुक लखिंदर साेरेन, राेजगार सेवक नसीम अख्तर और जेसीबी के मालिकाें मुबारक अंसारी व हसीम अंसारी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 409 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। डीडीसी शशि प्रकाश सिंह का कहना है कि मनरेगा के कार्याें में जाे भी नियम के विरुद्ध काम करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हाेगी। याेजना का उद्देश्य लाेगाें काे राेजगार के अवसर प्रदान करना है।

पूर्वी टुंडी के असुरबांध का है मामला
वित्तीय वर्ष 2018-19 में पूर्वी टुंडी के असुरबांध गांव में लखिंदर साेरेन की जमीन पर मनरेगा के तहत तालाब निर्माण में पर्याप्त संख्या में श्रमिकाें काे काम नहीं देने की शिकायत की गई थी। लाभुक और राेजगार सेवक पर राशि के गबन के आराेप लगे। उसके बाद डीडीसी ने प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, सहायक अभियंता और कनीय अभियंता की संयुक्त जांच टीम गठित कर रिपाेर्ट साैंपने काे कहा। टीम काे जांच में पता चला कि 15 जून, 2019 तक मजदूरी पर कुल 53,019 रुपए ही खर्च किए गए, जबकि पूरी याेजना 3.98 लाख रुपए की थी। लाभुक लखिंदर साेरेन ने भी स्वीकार किया कि तालाब बनाने में जेसीबी का उपयाेग किया गया।

इधर, जिप के कार्यपालक पदाधिकारी की जांच का निर्देश, उपाध्यक्ष ने की थी शिकायत

जिला परिषद उपाध्यक्ष सरिता देवी की शिकायत पर पंचायत राज के उप निर्देशक संदीप दुबे ने कार्यपालक पदाधिकारी रामेश्वर सिंह पर लगे आराेपाें की जांच का निर्देश दिया है। इस संबंध में डीडीसी काे लिखे पत्र में उन्हाेंने कार्रवाई कर रिपाेर्ट साैंपने काे कहा है। जिप उपाध्यक्ष ने कार्यपालक पदाधिकारी के 4 साल से अधिक समय से पद पर बने रहने और दबंग रवैया दिखाने की शिकायत की थी। उनके स्थानांतरण की भी मांग की है।

जल्द और मामले सामने आएंगे, सबकी होगी जांच
“जिले के सभी प्रखंडाें में मनरेगा के तहत किए जा रहे कार्याें की जांच की जा रही है। सभी प्रखंडाें के लिए संयुक्त टीम गठित है, जाे औचक निरीक्षण कर रही है। जल्द ही और मामले भी सामने आएंगे। सभी मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।’’
-शशि प्रकाश सिंह, डीडीसी, धनबाद

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