
रायपुर11 घंटे पहले

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स्वामी आत्मानंद इंग्लिश योजना से संचालित राजधानी के तीन प्रमुख स्कूल आरडी तिवारी, बीपी पुजारी व शहीद स्मारक स्कूल में इस बार भी प्रवेश को लेकर जबर्दस्त मारामारी होगी। इस साल इन स्कूलों में 80 सीटों के बजाय 45 सीटों में ही एडमिशन होगा। इसके बाद जो सीटें बचेंगी उसमें पीपी-टू के छात्रों को एडमिशन दिया जाएगा।

इन स्कूलों में इस बार पीपी-1, क्लास-1, ग्यारहवीं और बारहवीं में ही दाखिले होंगे। अन्य कक्षाओं में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। क्योंकि इन कक्षाओं में पहले ही छात्रों की संख्या पर्याप्त और कहीं क्षमता से ज्यादा है। आत्मानंद योजना वाले बाकी स्कूलों में भी पहली क्लास में 50 सीटों में प्रवेश दिए जाएंगे।
जून तक पूरा होगा एडमिशन का काम
रायपुर समेत राज्य के सभी स्वामी आत्मानंद इंग्लिश स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया अप्रैल से शुरू हो जाएगी। दावा किया जा रहा है कि जून तक एडमिशन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। पिछले साल कई स्कूलों में जुलाई-अगस्त तक दाखिले हुए थे। इस वजह से ऐसे में स्कूलों में पढ़ाई देर से शुरू हुई थी। शिक्षकों को भी सिलेबस पूरा करने में दिक्कत हुई। इससे छात्रों को भी परेशानी हुई थी। इस बार भी प्रवेश के लिए लॉटरी निकाली जाएगी। लेकिन एडमिशन की प्रक्रिया हर हाल में पढ़ाई शुरू होने के पहले पूरी कर ली जाएगी।
रायपुर जिले में खुलेंगे 5 नए इंग्लिश स्कूल
आत्मानंद योजना के तहत इस साल 5 नए इंग्लिश स्कूल शुरू किए जाएंगे। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। जिले के गोगांव, खरोरा, खोरपा, चंद्रखुरी और बर बंदा में नए अंग्रेजी स्कूल शुरू किए जाएंगे। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। इस योजना के तहत राज्य में 2020 और 2021 में कुल 171 स्कूल संचालित थे। पिछले साल 76 नए इंग्लिश स्कूल शुरू किए गए। इस तरह राज्य में अभी 247 सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूल हैं। इसके अलावा पिछले साल ही इस योजना के तहत राज्य में 32 हिंदी मीडियम स्कूल भी खुले हैं। इन सभी स्कूलों में छात्रों की संख्या फुल है।
एक क्लास के लिए 2 हजार से ज्यादा आवेदन
रायपुर जिले में कुल 21 सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूल हैं। इनमें कक्षा पहली से बारहवीं तक की पढ़ाई हो रही है। पिछली बार तीन प्रमुख सरकारी अंग्रेजी स्कूलों में पीपी-1 और पीपी-2 की कक्षाएं भी शुरू की गई हैं। पहले साल पीपी-1 में 20 और पीपी-2 में 30 से 35 बच्चों को प्रवेश दिया गया। इन तीनों स्कूलों में क्लास वन में 80-80 सीटें हैं। इस बार पीपी-2 के छात्र पहली क्लास में जाएंगे। इसलिए क्लास-1 की 35 सीटें पहले ही भर जाएंगी। बाकी 45 सीटों में ही दाखिले होंगे। पिछले बार भी इन स्कूलों में दाखिले के लिए होड़ मची थी। कक्षा पहली की 80 सीटों के लिए दो हजार से ज्यादा फार्म मिले थे।
