
० मानद डी लिट उपाधि से होंगे अलंकृत, कुलपति प्रो (डॉ) लवली शर्मा ने बेंगलुरू जाकर दिया आमंत्रण

भिलाई। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ का 17वां दीक्षांत समारोह 28 जनवरी को भव्य एवं गरिमापूर्ण मनाया जायेगा। इस अवसर पर विश्वविख्यात आध्यात्मिक गुरु, मानवतावादी एवं आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर जी को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। समारोह के दौरान विश्वविद्यालय द्वारा उन्हें डी लिट ( डॉक्टर आफ लिटरेचर ) की उपाधि से सम्मानित किया जाएगा।
मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने हेतु विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो (डॉ) लवली शर्मा ने बेंगलुरू स्थित अंतरराष्ट्रीय आश्रम जाकर श्री श्री रविशंकर जी से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर कुलपति ने गुरुदेव को सम्मान स्वरूप शाल एवं नवाचार के तहत पहली बार प्रकाशित कैलेंडर भेंट किया। वहीं श्री श्री ने अंगवस्त्र एवं श्रीफल भेंटकर कुलपति का आत्मीय स्वागत किया। इस भेंट के दौरान कुलपति ने दीक्षांत समारोह की रुपरेखा को विस्तार से साझा किया और श्री श्री को डी लिट की उपाधि प्रदान करने के संबंध में औपचारिक जानकारी दी।

विश्व प्रसिद्ध विश्वविद्यालय द्वारा मानद उपाधि प्रदान करने पर श्री श्री ने प्रसन्नता व्यक्त की। अल्प समय में आमंत्रण प्राप्त होने के बावजूद उन्होंने इसे सहर्ष स्वीकार करते हुए अपनी व्यस्तताओं के कारण आनलाइन (वर्चअल) समारोह में शामिल होकर विद्यार्थियों को संबोधित करने स्वीकृति प्रदान की है।
गुरुदेव श्री श्री से चर्चा के दौरान भारतीय संस्कृति, संगीत एवं कला के संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर उनकी सार्थक चर्चा हुई। श्री श्री ने भविष्य में संयुक्त रूप से शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों पर काम करने सहमति जताई। साथ ही आगामी वर्ष विश्वविद्यालय परिसर में आगमन का आश्वासन दिया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे संस्थान के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि गुरुदेव की उपस्थिति भले ही आनलाइन हो रही है, यह विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और कला साधकों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगी तथा विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयां प्रदान करेगी।
