CGPSC भर्ती घोटाले में ED की एंट्री: पूर्व अध्यक्ष टामन सोनवानी 7 दिन की रिमांड पर, मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की होगी जांच

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC भर्ती घोटाले की जांच अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। सीबीआई की कार्रवाई के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी मामले में एंट्री करते हुए पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को पेपर लीक और कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया है। विशेष अदालत ने सुनवाई के बाद सोनवानी को 7 दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया है, जहां उनसे भर्ती प्रक्रिया में हुए वित्तीय लेन-देन और कथित अवैध कमाई को लेकर पूछताछ की जाएगी।

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मनी लॉन्ड्रिंग के नेटवर्क की होगी जांच

 

ईडी अब यह पता लगाएगी कि भर्ती घोटाले से जुड़े कथित अवैध पैसों का लेन-देन किस तरह हुआ और इसका नेटवर्क कितना बड़ा था। जांच एजेंसी भर्ती प्रक्रिया में हुई आर्थिक अनियमितताओं, पैसों के ट्रांजेक्शन और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की गहन पड़ताल करेगी।

 

सीबीआई कर चुकी है गिरफ्तारी

 

इससे पहले सीबीआई ने टामन सोनवानी और बजरंग पावर एंड स्टील लिमिटेड के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल को गिरफ्तार किया था। जांच में आरोप लगाया गया कि भर्ती प्रक्रिया में प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों को डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी समेत अन्य अहम पदों पर चयनित कराने के लिए बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और अवैध लेन-देन किए गए।

 

CBI जांच में क्या आया सामने ?

 

सीबीआई के अनुसार, टामन सिंह सोनवानी ने परीक्षा के प्रश्नपत्र अपने घर पर कुछ लोगों को उपलब्ध कराए। बाद में उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर के माध्यम से लीक पेपर श्रवण गोयल तक पहुंचा। आरोप है कि इसी पेपर के आधार पर तैयारी कर श्रवण गोयल के बेटे शशांक गोयल और बहू भूमिका गोयल का चयन डिप्टी कलेक्टर पद पर हुआ।

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क्या है पूरा CGPSC भर्ती घोटाला ?

CGPSC ने वर्ष 2021 में 171 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। प्री, मेंस और इंटरव्यू के बाद 11 मई 2023 को अंतिम चयन सूची जारी हुई। आरोप है कि पूरी चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की अनदेखी कर राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख वाले परिवारों के उम्मीदवारों को लाभ पहुंचाया गया, जबकि कई योग्य अभ्यर्थियों की उपेक्षा की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने जांच सीबीआई को सौंपी थी। अब ईडी भी मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच में जुट गई है।

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