

रायपुर। सावन के बीच छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मानसून रफ्तार पकड़ने जा रहा है। मौसम विभाग ने रायपुर समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में अगले तीन दिनों तक बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान जताया है। कई इलाकों में भारी बारिश, गरज-चमक और वज्रपात की भी चेतावनी जारी की गई है।
छत्तीसगढ़ में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में सक्रिय हुए मजबूत मौसम तंत्र के कारण आने वाले तीन दिनों तक बारिश का दौर तेज रहेगा। रायपुर समेत कई जिलों में झमाझम बारिश के साथ कहीं-कहीं भारी वर्षा और वज्रपात की संभावना जताई गई है।
बीते 24 घंटों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई, जिसमें उत्तरी छत्तीसगढ़ सबसे ज्यादा भीगा। हालांकि पूरे सीजन की बात करें तो अब तक प्रदेश में औसत से करीब 7 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।
राजधानी रायपुर में बुधवार को दिनभर बादलों का डेरा रहने की संभावना है। बीच-बीच में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। बारिश के बावजूद लोगों को उमस से बहुत अधिक राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
बारिश के लिए अलग-अलग मौसम तंत्र सक्रिय
मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में तीन अलग-अलग मौसम तंत्र सक्रिय हैं, जो प्रदेश में नमी और बारिश को लगातार बढ़ावा दे रहे हैं। मॉनसून द्रोणिका उत्तर भारत से होते हुए पूर्वोत्तर तक फैली हुई है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम बिहार और आंध्र प्रदेश से लगे बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण का असर भी छत्तीसगढ़ के मौसम पर पड़ रहा है।
बारिश के आंकड़ों की बात करें तो शंकरगढ़ में सबसे अधिक 11 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। कुसमी, रतनपुर, सक्ती और भोपालपट्टनम में 7 सेंटीमीटर, सुकमा और सकोला में 6 सेंटीमीटर तथा सरागांव और बीजापुर में 5 सेंटीमीटर बारिश हुई। वहीं पेंड्रा, भैरमगढ़, करपावंड, छाल, बरमकेला, सरिया और बम्हनीडीह में 4 सेंटीमीटर तक वर्षा रिकॉर्ड की गई।
सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से भारी बारिश और वज्रपात की आशंका वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने, बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे शरण न लेने तथा प्रशासन द्वारा जारी मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की अपील की गई है।
