छत्तीसगढ़ में सांसदों और अफसरों में टकराव: लोकसभा अध्यक्ष से शिकायत

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तनातनी लगातार गहराती जा रही है। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के बाद अब दुर्ग सांसद विजय बघेल ने भी अधिकारियों के असहयोग रवैये के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष विशेषाधिकार हनन की शिकायत दर्ज कराई है। इस घटनाक्रम ने राज्य की सियासी सरगर्मी को अचानक बढ़ा दिया है।

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दुर्ग सांसद विजय बघेल ने भिलाई नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त राजीव कुमार पांडेय और भिलाई-चरोदा नगर निगम के आयुक्त डीएस राजपूत पर उनके फोन कॉल्स का जवाब नहीं देने और जनहित के मामलों में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है।

इससे पहले रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव आईएएस अमित कटारिया पर फोन पर आपत्तिजनक व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए विशेषाधिकार हनन की शिकायत की थी।

छत्तीसगढ़ के दो सांसदों की लगातार शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए लोकसभा सचिवालय ने राज्य शासन और संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। यदि शिकायतों में तथ्य सही पाए गए, तो संवैधानिक नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

बता दें कि बीते दिनों दुर्ग जिले में सार्वजनिक कार्यक्रम में एक अफसर ने भाजपा नेता को ‘जो करना है कर लो’ चैलेंज किया था। यह वाकया दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर की मौजूदगी में हुआ था। हालांकि बाद में अफसर के खिलाफ कार्रवाई हुई।

इधर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस विवाद पर राज्य सरकार को घेरते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की कमान दिल्ली और नागपुर से चलाई जा रही है। उन्होंने चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ ऐसे बर्ताव को संसदीय परंपराओं के खिलाफ बताया है।

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लगातार सामने आ रही इन शिकायतों से प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि शासन स्तर पर जनप्रतिनिधियों और अफसरों के बीच संवाद और समन्वय की स्थिति जल्द नहीं सुधारी गई, तो यह टकराव एक बड़े राजनीतिक संकट का रूप ले सकता है।

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