दुर्ग न्यूज। अभी ग्रीष्म काल शुरू नहीं हुआ है और वन्य प्राणियों के आबादी क्षेत्र में आने की खबरें मिल रही हैं। आमतौर पर यह कहा जाता है कि गर्मी में जंगली जानवर पानी की तलाश में भटक कर आबादी तक आ जाते हैं। जिले के धमधा क्षेत्र में लकड़बग्घे के हमले से क्षेत्र में दो मवेशियों की मौत हो गई और 6 से ज्यादा पशु घायल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लकड़बग्घे झुंड में हो सकते हैं। घटना की जानकारी वन विभाग को दे दी गई है। धमधा क्षेत्र में जंगल से निकलकर कुछ लकड़बग्घों का समूह आबादी के बीच पहुंच गया और मवेशियों व अन्य पशुओं को अपना शिकार बनाया। इस घटना से लोगों में दहशत व्याप्त है। लोगों ने रात में घर से निकलना बंद कर दिया है। धमधा नगर पंचायत क्षेत्र में अलर्ट रहने का निर्देश जारी किया है।
मनेंद्रगढ़ में दिखा बाघ
इधर मनेंद्रगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले मनेंद्रगढ़ वनमंडल परिक्षेत्र कुंवारपुर में ग्रामीणों ने बाघ देखे जाने का दावा किया है। तेंदुए के बाद क्षेत्र के लोगों में अब बाघ की दहशत है। रविवार को ग्राम पंचायत तोजा के आरा पहाड़ के पास कंकाली माता मंदिर के नीचे नगदहा स्टापडेम के पास विचरण कर रहे बाघ का ग्रामीणों ने वीडियों भी बनाया। अब गांव वालों में बाघ के हमले का डर बना हुआ है। हाल ही में भरतपुर विकासखंड के वन परिक्षेत्र कुंवारपुर में तेंदुए के हमले से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। बाद में वन विभाग ने तेंदुए के पकड़ लिया। अभी ग्रामीण तेंदुए के डर उबरे भी नहीं है कि बाघ की उपस्थिति ने एक बार फिर क्षेत्र में दहशत का माहौल बना दिया है।
ग्राम आरा, मध्य प्रदेश की सीमा से लगभग 5 किमी पहले है जहां नगदहा स्टापडेम के पास रविवार को बाघ जंगलों में विचरण करते दिखा। ग्रामीणों के शोरगुल करने के कारण बाघ रिहायशी क्षेत्र की ओर नहीं आकर जंगल की ओर चला गया। शहरी क्षेत्र के पास बाघ को देखे जाने की खबर आग की तरह फैल गई। वन अमला और ग्रामीणों ने मिलकर बाघ को जंगल की ओर भगाया।
