सुरक्षा नहीं “शौक” के लिए पिस्टल रखने वाले उड़ीसा के हेल्थ मिनिस्टर नबकिशोर‌ के नाम 145 कार

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पिस्टल, कार और प्रापर्टी के शौकीन नबकिशोर विधानसभा में पोर्न विडियो देखते हुए थे सस्पेंड

उड़ीसा मुख्यमंत्री के बाद बीजद के सबसे अमीर नेता रहे नबकिशोर ने इसी महीने सोने का कलश किया था दान

दुर्ग न्यूज, 31 जनवरी। शनि शिंगणापुर को सोने का कलश दान करके, कभी विधानसभा में अश्लील फिल्में देखने की वजह से, कभी कोरोना के दौरान बेहतरीन काम की वजह से और कभी अपनी कारों और पिस्टल के शौक की वजह से‌ हमेशा मीडिया की सुर्खियों में रहे उड़ीसा के स्वास्थ्य मंत्री नब किशोर दास की हत्या कर दी गई।
ब्रजराज नगर इलाके के एक कार्यक्रम में पहुंचे मंत्री नबकिशोर के प्रोटोकॉल में गांधी चौक पुलिस चौकी में तैनात जिस ASI गोपाल कृष्ण दास की ड्यूटी लगी उसी ने मंत्री के सीने से सटाकर रिवॉल्वर से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि जब मंत्री आए थे तो भीड़ उन्हें लेने गई, उसमें कुछ सुरक्षाकर्मी भी थे। उसी दौरान एक आवाज आई और भीड़ में से पुलिस ऑफिसर दौड़ कर भागा। भागने के क्रम में भी उसने फायरिंग की। हमें लगा कि जिसने मारा, उसके लिए उसने फायरिंग की है, गोली सीने में लगी और मंत्री लहूलुहान हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया। मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी ASI गोपाल दास को पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया। नब किशोर को एयरलिफ्ट कर झाड़सुगड़ा से भुवनेश्वर एम्स लाया गया। जहां उनकी मौत हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक‌ दास को एक गोली लगी जिससे दिल और फेफड़ा जख्मी हो गया था। हत्या के मामले में जांच के लिए CID क्राइम ब्रांच का गठन किया गया। इस टीम में 7 सदस्यों के आलावा साइबर एक्सपर्ट, बैलिस्टिक एक्सपर्ट को भी शामिल किया गया है। टीम का नेतृत्व DSP रमेश डोरा ओपीएस कर रहे हैं।
दो वर्ष पहले जब नबकिशोर से पूछा गया कि आप हमेशा पिस्टल क्यों रखते हैं तो उन्होंने कहा कि पिस्टल सुरक्षा के लिए नहीं, शौक के लिए रखता हूं। अपना कॉलेज खत्म करने के बाद झाड़सुगड़ा में नबकिशोर ने माइनिंग और ट्रांसपोर्टेशन का कारोबार शुरू किया। ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी का मेंबर बनने से पहले दास ओडिशा NSUI और ओडिशा यूथ कांग्रेस के उपाध्यक्ष भी रहे। वो पूर्व मुख्यमंत्री जानकी बल्लभ पटनायक के भी काफी करीबी थे। 2004 में कांग्रेस के टिकट पर झाड़सुगड़ा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, जिसमें वह बीजू जनता दल, यानी बीजद के किशोर मोहंती से हार गए। पांच साल बाद 2009 में एक बार फिर वे झाड़सुगड़ा विधानसभा सीट से चुनाव में उतरे और इस बार किशोर कुमार मोहंती को हराया। उन्होंने अपने चुनाव अभियान में शक्ति कपूर और असरानी को प्रचार के लिए उतारा था। इसके बाद लगातार दूसरी बार 2014 में मोहंती को हराकर विधायक बने। लोगों को लेकर उनकी समझ और ऑर्गेनाइजेशनल स्किल्स के चलते वह कांग्रेस पार्टी और संबलपुर, सुंदरगढ़ और झाड़सुगड़ा में काफी लोकप्रिय हो गए थे। वर्ष 2019 में जब दास ने कांग्रेस छोड़ी तो वे ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष थे। उन्होंने तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर कहा था कि ‘उनके निर्वाचन क्षेत्र के लोग चाहते हैं कि वह बीजद में शामिल हों, यहां के लोग और वोटर्स चाहते हैं कि मुझे 2019 का विधानसभा चुनाव बीजद से लड़ना चाहिए। वे चाहते हैं कि क्षेत्र का विकास कराने के लिए मुझे ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से हाथ मिलाना चाहिए।’
बीजद में शामिल होने के बाद से न सिर्फ दास का सियासी कद बढ़ा बल्कि उनकी संपत्ति में भी तेजी से इजाफा हुआ। साल 2021 के डिक्लेरेशन के मुताबिक, उनके पास 34 करोड़ रुपए की संपत्ति थी, इनमें 145 कारों में 80 उनके नाम पर और 65 उनकी पत्नी के नाम पर, जिनकी कीमत 15 करोड़ रुपए थी। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के बाद नबकिशोर ओडिशा के सबसे अमीर मंत्री थे। दास के पास 55 हजार रुपए की एक पिस्टल, सवा लाख रुपए की राइफल और डबल बैरल गन भी थी। उनकी नई दिल्ली, कोलकाता, भुवनेश्वर, झाड़सुगड़ा और ओडिशा के रायराखोल में कई संपत्तियां भी थीं। वर्ष 2015 में विधानसभा सत्र के दौरान दास पोर्न देखते पकड़े गए थे। उस वक्त विधानसभा अध्यक्ष निरंजन पुजारी ने उन्हें एक हफ्ते के लिए सत्र से निलंबित कर दिया था। बीजद में शामिल होने के बाद दास को ओडिशा सरकार में स्वास्थ्य मंत्रालय का जिम्मा मिला, इसी पद पर वे अपने अंतिम समय तक बने रहे।
जब 2020 में देश में कोरोना की पहली लहर आई तो वह केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के बजाय राज्य की बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना यानि BSKY लागू करवा रहे थे। साथ ही राज्य में कोरोना को रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क को लागू करवाने में वह हमेशा आगे रहे। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी दास के कामों को सराहा था। वर्ष 2022 में पटनायक कैबिनेट में फेरबदल के बाद भी वह स्वास्थ्य मंत्री के पद पर बने रहे। इसी महीने दास ने महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर मंदिर को एक सोने का कलश दान किया था। मीडिया रिपोर्ट में इसकी कीमत 1 करोड़ रुपए से ज्यादा बताई गई थी हालांकि, बाद में दास ने बताया कि यह सिर्फ 10 लाख रुपए का था।

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