
बीजापुरएक घंटा पहले

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बैठक लेते मंत्री और अध्यक्ष।
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में पहली बार बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, आबकारी मंत्री कवासी लखमा, सांसद दीपक बैज समेत अन्य भी शामिल थे। बस्तर में संचालित विकास कार्यों की समीक्षा की गई। प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल ने कहा कि, प्राधिकरण की तरफ से स्वीकृत सभी विकास कार्यों को समय पर पूर्ण करें। जिससे इनका लाभ स्थानीय जनता को मिले।

उन्होंने आश्रम-छात्रावासों के माध्यम से बच्चों को बेहतर शैक्षणिक सुविधा प्रदान करने पर जोर दिया। अधिक से अधिक विकास कार्य संपादित करने के लिए प्राधिकरण के बजट को बढ़ाने के लिए राज्य शासन को प्रस्ताव भेजने की बात भी कही। इधर, प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक को बस्तर का कैबिनेट बैठक बताया। उन्होंने कहा कि, इस बैठक में बस्तर में संचालित विकास कार्यों की विस्तारपूर्वक चर्चा होती है। उसके आधार पर कार्यों को धरातल पर उतारा जाता है।

बैठक में मौजूद अफसर और जनप्रतिनिधि।
प्रतिमाह हो रही करोड़ों की आमदनी- लखमा
मंत्री ने नरवा, गरुआ, घुरवा और बाड़ी योजना को शासन की महात्वाकांक्षी योजना बताते हुए सभी गौठानों को शासन की मंशा के अनुरुप आत्मनिर्भर बनाने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि, गौठानों में उपलब्ध रोजगार के माध्यम से प्रतिमाह करोड़ों रुपए की आमदनी हो रही है। सरकार अब सभी विकासखण्डों में दो-दो गौठानों को ग्रामीण औद्योगिक पार्क के रुप में विकसित कर रही है। मंत्री ने जल जीवन मिशन के कार्यों की गति बढ़ाए जाने के अफसरों को निर्देश दिए हैं।

बीजापुर में पहली बार यह बैठक हुई।
आश्रम-छात्रावास, स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी, सड़क, सेतु सहित सभी निर्माण कार्यों को तेज किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सबसे अच्छी सड़कें बस्तर में बनी हैं। अब कुछ ही महीनों में जगरगुण्डा और बारसूर-पल्ली मार्ग का निर्माण भी पूरा होगा। जो एक बड़े सपने के साकार होने जैसा है। उन्होंने कहा कि, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पुनः शीघ्र ही बस्तर आएंगे और भेंट-मुलाकात के दौरान की गई घोषणाओं और निर्देशों के पालन की समीक्षा करेंगे।
