मुख्यमंत्री ने CSVTU भिलाई में 22.96 करोड़ रूपए की लागत के दो शैक्षणिक भवनों का किया लोकार्पण

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0 आर्यभट्ट भवन और पुस्तकालय भवन का लोकार्पण

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दुर्ग न्यूज़, 4 मार्च। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई के परिसर में 22.96 करोड़ रूपए की लागत से नवनिर्मित दो शैक्षणिक भवनों आर्यभट्ट भवन और पुस्तकालय भवन का लोकार्पण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने आर्यभट्ट भवन पर स्थित महान गणितज्ञ आर्यभट्ट की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। आर्यभट्ट प्राचीन भारत के महान गणितज्ञ, ज्योतिषविद् एवं खगोल शास्त्री थे। जिन्होंने नवीन और अभूतपूर्व अविष्कारों और सिद्धांतो का निर्माण किया।

 

इस अवसर पर डिप्टी सीएम अरूण साव और विजय शर्मा, सांसद विजय बघेल, विधायक दुर्ग ग्रामीण ललित चंद्राकर, विधायक अहिवारा डोमनलाल कोर्सेेवाड़ा, विधायक दुर्ग शहर गजेंद्र यादव, विधायक रिकेश सेन, विधायक ईश्वर साहू, कमिश्नर सत्यनारायण राठौर, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

 

10. 35 करोड़ की लागत से बना है आर्यभट्ट भवन

मुख्यमंत्री श्री साय ने आज छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकांनद तकनीकी विश्वविद्यालय परिसर भिलाई में 10 करोड़ 35 लाख 92 हजार रूपए की लागत से बने नवनिर्मित शैक्षणिक भवन ‘आर्यभट्ट’ का लोकार्पण किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों, अधिकारी-कर्मचारियों, छात्र-छात्राओं को नवीन भवन के लिए बधाई दी। गौरतलब है कि नवनिर्मित आर्यभट्ट भवन में विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग के अंतर्गत डिप्लोमा, बी-टेक (ऑनर्स ), एम-टेक एवं पीएचडी. की कक्षाएं संचालित होंगी एवं इन विद्यार्थियों के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट हेतु अंतर्राष्ट्रीय कंपनी “न्यूक्लियस टेक“ के कार्यालय का भी यहां संचालन होगा। अधिकारियों ने बताया कि सीएसवीटीयू फाउंडेशन फॉर रूरल टेक्नोलॉजी एंड एंटरप्रेन्योरशिप (सीएसवीटीयू-फोर्टे) का संचालन भी आर्यभट्ट भवन में होगा। इसके तहत नवीन युवा उद्यमियों को इन्क्यूबेशन सेंटर एवं वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिससे वे अपना स्टार्ट-अप को इम्प्लीमेंट कर सकेंगे।

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आर्यभट्ट भवन में स्टार्ट अप का प्रोटोटाइप बनाया जायेगा, जिसका उद्देश्य स्टार्ट-अप इंडिया को बढ़ावा देना है। इसके अंतर्गत जमीनी स्तर की प्रौद्योगिकियों और नवाचारों का लाभ उठाते हुए ग्रामीण/वंचित सामाजिक क्षेत्रों को प्रभावित करना है। सीएसवीटीयू अपने संबद्ध संस्थानों में ग्रामीण उद्यमिता विकास केंद्र (आरईडीसी) बनाएगा, जहां छात्रों को ग्रामीण संसाधनों से उत्पन्न नवीन और बाजार अनुकूल उत्पादों की खोज के लिए वित्तीय और परामर्श प्रदान की जाएगी। बिजनेस मॉडल और प्रौद्योगिकी वाले कुछ स्टार्ट-अप को आरईसी, नई दिल्ली के सीएसआर से सीएसवीटीयू भिलाई में शुरू किया जाएगा।

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