


भिलाई नगर। प्रदेश के अनुदानित गैर–शासकीय महाविद्यालयों के पेंशनभोगी प्राध्यापकों के राज्य स्तरीय संघ के प्रतिनिधि व वर्तमान में कार्यरत प्राध्यापकों के राज्य स्तरीय संघ के प्रतिनिधि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मिले। प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को उन्हें प्राप्त हो रही पेंशन व ग्रेच्युटी की विसंगतियों से अवगत कराया। सेवानिवृत्त प्राध्यापकों के प्रतिनिधिमंडल ने उन्हे ज्ञापन सौंप कर यह बताया कि आज से 28 वर्ष पूर्व के पांचवे वेतनमान पर आधारित पेंशन तथा 38 वर्ष पूर्व के चौथे वेतनमान के आधार पर ग्रेच्युटी का भुगतान उन्हें किया जा रहा है। संघ ने मुख्यमंत्री से इस विसंगति को यथाशीघ्र दूर करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि वे विभाग से जानकारी लेकर यथोचित कार्यवाही करेंगे।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के 13 अनुदान प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों के सेवानिवृत प्राध्यापक अपनी पेंशन व ग्रेच्युटी से सम्बन्धित विसंगति को दूर करने उच्च शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों व मंत्रीगणों से बार बार गुहार लगा चुके हैं। पूर्व में, तत्कालीन मुख्यमंत्री डा रमन सिंह व भूपेश बघेल से भी अनेक बार मिलकर संघ के प्रतिनिधि पुनरीक्षित वेतनमान के अनुसार पेंशन व ग्रेच्युटी देने की मांग करते रहे हैं।

प्रतिनिधि मंडल में सेवानिवृत्त प्राध्यापक संघ के अध्यक्ष डा हरिनारायण दुबे, महासचिव डा डीएन शर्मा, डा एआर वर्मा व प्रो वायपी पटेल के साथ ही कार्यरत प्राध्यापकों के प्रादेशिक अध्यक्ष डा अजय शर्मा व महासचिव डा सुभाष चंद्राकर शामिल रहे।
