आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति निरोग रखने में कारगर; जिला स्तरीय निशुल्क आयुष स्वास्थ्य मेले में 2404 मरीजों की जांच कर औषधि का वितरण किया | Ayurveda medical method is effective in keeping healthy; 2404 patients were examined and medicines were distributed at the district level free Ayush health fair.

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राजनांदगांव2 घंटे पहले

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जिला स्तरीय एक दिवसीय निशुल्क आयुष स्वास्थ्य मेला का आयोजन प्रियदर्शनी मॉडल स्कूल फिरंतिन मंदिर सामुदायिक भवन परिसर वार्ड नंबर 43 बसंतपुर राजनांदगांव में किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर हेमा देशमुख ने कहा कि हमारा देश प्राचीनकाल से आयुर्वेद, गणित, तकनीक में आगे रहा है। शून्य एवं सर्जरी जैसी चिकित्सा पद्धति का यहां अविष्कार हुआ।

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पुष्पक विमान हमारी संस्कृति एवं इतिहास में रही है। हमें अपने प्राचीन ज्ञान, अविष्कार का पेटेंट कराने की जरूरत है। आयुर्वेद की उपयोगी सामग्री हमारे गार्डन एवं किचन गार्डन में है, जो चिकित्सा के लिए बहुत उपयोगी एवं कारगर है।

आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का उपयोग स्वस्थ एवं निरोग रहने के लिए करें। उन्होंने इस आयोजन के लिए आयुष विभाग को बधाई दी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ अंत्यावसायी सहकारी वित्त विकास निगम के अध्यक्ष धनेश पाटिला, सदस्य असंगठित कर्मकार मण्डल वीरेंद्र चौहान, पार्षद ऋषि शास्त्री एवं पार्षद नगर निगम वार्ड नंबर 43 खेमिन यादव सहित जनप्रतिनिधि एवं जिला आयुर्वेद अधिकारी रमाकांत शर्मा उपस्थित थे।

स्वास्थ्य परीक्षण करवाने के लिए इतने मरीज पहुंचे

शिविर में रोगियों के लिए रक्त परीक्षण अंतर्गत शुगर एवं एचबी जांच की सुविधा भी उपलब्ध रही। आयुर्वेद पद्धति अंतर्गत ज्वर के 67 प्रतिश्याय के 275, कास के 165, वात रोग के 1065, हृदय रोग के 27, डायबिटीज के 84, चर्मरोग के 215, उदर रोग के 212, स्त्रीरोग के 189, कर्ण – मुख- नासा के 46, अर्श बवासीर के 17 व अन्य रोग के 42 इस प्रकार कुल 2404 रोगियों द्वारा चिकित्सा लाभ लिया गया। रक्त परीक्षण अंतर्गत 260 रोगियों की शुगर व हिमोग्लोबीन जांच किया गया। पंचकर्म अंतर्गत 65 रोगियों को स्नेहन – स्वेदन की सुविधा उपलब्ध कराई गई। शिविर में लगभग 2200 लोगों को आयुष काढ़ा पिलाया व वितरण किया गया।

लोगों की सुविधा के लिए लगातार लगाए जा रहे शिविर
आयुर्वेद विभाग द्वारा निरंतर आयुष शिविरों का निरंतर आयोजन किया जा रहा है। शिविर के माध्यम से अधिक से अधिक आयुर्वेद पद्धति से चिकित्सा कराए जाने लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही लोगों को आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के लाभ के बारे में बताया जा रहा है। शिविर में आयुर्वेद पद्धति के 1775 रोगी, होम्योपैथी पद्धति के 425 रोगी, यूनानी पद्धति के 204 रोगी कुल 2404 रोगियों की जांच कर निशुल्क औषधियों का वितरण किया गया।

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