
दुर्ग। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की 101 वीं जयंती पर राज्य के 115 शहरों में नवनिर्मित अटल परिसर का लोकार्पण मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वर्चुअल माध्यम से की। दुर्ग शहर के सुवा चौक में अटल परिसर प्रागंण में स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का लोकार्पण दुर्ग सांसद विजय बघेल ने किया। शहरवासियों को सौंदर्यीकरण के रूप में अटल विहारी बाजपेयी चौक मिला है।

कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता, छत्तीसगढ़ महतारी एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के तेल चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया।
25 दिसंबर को भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का विधिवत लोकार्पण हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोकसभा सांसद दुर्ग विजय बघेल, विशिष्ट अतिथियों में महापौर श्रीमती अलका बाघमार, कलेक्टर अभिजीत सिंह,आयुक्त सुमित अग्रवाल, सभापति श्याम शर्मा, एमआईसी सदस्य देव नारायण चन्द्राकर,नरेंद्र बंजारे, ज्ञानेश्वर ताम्रकर,शेखर चन्द्राकर, काशीराम कोसरे, शिव नायक, मनीष साहू, नीलेश अग्रवाल, शशि साहू और पार्षदगण सहित जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, श्रीमती तृप्ति चंद्राकर, कार्यपालन अभियंता आरके जैन, सहायक अभियंता गिरीश दीवान सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि सांसद विजय बघेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह वर्ष देश के लिए रजत जयंती वर्ष है। अटल जी की वाणी, उनकी कविताएँ और विचार आज भी राष्ट्र को दिशा दे रहे हैं। “अटल–आडवाणी का कमल निशान मांग रहा है हिंदुस्तान” जैसे नारों के साथ उन्होंने देश को छह वर्षों तक विश्व पटल पर शीर्ष की ओर अग्रसर किया। उन्होंने बताया कि आज के दिन देशभर में 115 स्थानों पर अटल जी की प्रतिमाओं का अनावरण किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने सांसद खेल महोत्सव के समापन की जानकारी देते हुए कहा कि इस आयोजन में लगभग 1500 खिलाड़ियों ने प्रथम स्थान प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण में अटल जी के योगदान को स्मरण करते हुए किया गया।
महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने कहा कि अटल जी को उनकी 101वीं जयंती पर एक महान राष्ट्रनेता, कवि और पत्रकार के रूप में स्मरण किया जा रहा है। वे पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री रहे, जिन्होंने मानवीय मूल्यों के साथ राष्ट्रसेवा की। उनके नियम कठोर लेकिन उद्देश्य जनकल्याणकारी थे। उन्होंने संयुक्त राज्य काल में परिवहन व आधारभूत संरचना के विकास की दूरदर्शी पहल की। उन्होंने संसद में कहा था— “आज हम दो हैं तो हँसी उड़ाई जा रही है, एक दिन तुम्हें विपक्ष में बैठना पड़ेगा” और आज भारतीय जनता पार्टी की सरकार देश में सर्वाधिक सांसद एवं विधायकों के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में इस चौक को अटल बिहारी वाजपेयी चौक के नाम से जाना जाएगा। अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित किया।
