दीक्षारंभ 2026-27 में नवप्रवेशी विद्यार्थियों ने लिया कला-साधना, समर्पण और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का संकल्प

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० राजकुमारी इन्दिरा सिंह कला संगीत विश्वविद्यालय में दीक्षारंभ समारोह

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खैरागढ़। राजकुमारी इन्दिरा सिंह कला संगीत विश्वविद्यालय में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के स्वागत एवं शैक्षणिक जीवन के शुभारंभ के अवसर पर दीक्षारंभ समारोह 2026-27 गरिमापूर्ण वातावरण में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.(डॉ.) लवली शर्मा ने की। समारोह के मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता डॉ. प्रकाश मिश्र (मातृभूमि सेवा मिशन कुरुक्षेत्र हरियाणा) रहे। मुख्य वक्ता डॉ. प्रकाश मिश्र ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों को जीवन में समर्पण, साहस एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन केवल ज्ञान अर्जन का काल नहीं बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और जीवन-मूल्यों को आत्मसात करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कला को प्राचीन भारतीय परम्पराओं की सूत्रधार एवं संवाहक शक्ति बताते हुए विद्यार्थियों को अपनी कला-साधना के प्रति निष्ठावान रहने का आह्वान किया। अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो.(डॉ.) लवली शर्मा ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि कला के प्रति समर्पण, शुद्ध भाव एवं सात्त्विक दृष्टिकोण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब कलाओं का आदान-प्रदान शुद्ध एवं सात्त्विक हृदय से होता है, तब विश्वविद्यालय का वातावरण कला की गरिमा से समृद्ध होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय की गौरवशाली कला-परंपरा और विरासत को आगे बढ़ाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। समारोह में अधिष्ठाता संगीत संकाय प्रो. नमन दत्त, अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. राजन यादव, प्रभारी कुलसचिव वेंकट आर गुडे सहित प्राध्यापकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संयोजन अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. देवमाईत मिंज ने किया। वहीं मंच संचालन डॉ. कौस्तुभ रंजन द्वारा किया गया। दीक्षारंभ समारोह ज्ञान, कला, संस्कार एवं रचनात्मकता के नए अध्याय का शुभारंभ रहा। विश्वविद्यालय परिवार के समन्वित प्रयास एवं सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक हुआ।

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