

नई दिल्ली। नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बीच 288 भारतीय नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि लापता भारतीयों में बड़ी संख्या उन लोगों की है, जो नेपाल में काम या कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए गए थे।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, लापता लोगों में 73 भारतीय त्रिशूली पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे थे। इसके अलावा तमिलनाडु के 37 और 39 लोगों के दो समूह तथा पश्चिम बंगाल के 32 लोगों का एक समूह कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गया था। विभिन्न राज्यों के 61 अन्य लोगों के भी लापता होने की जानकारी है। वहीं केरल के 33 लोगों का एक समूह भी नेपाल में फंसा हुआ है। इस तरह कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए पांच समूहों के लापता होने की जानकारी सामने आई है।
तमिलनाडु के 21 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
विदेश मंत्रालय ने बताया कि तमिलनाडु के 21 लापता यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया है। इन्हें जल्द काठमांडू से नई दिल्ली लाए जाने की तैयारी है।
इसके अलावा कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए करीब 200 भारतीय तीर्थयात्रियों के चीन में फंसे होने की भी जानकारी दी गई है। इन यात्रियों को भी जल्द भारत लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
नेपाल के लिए भारत ने भेजी 47 टन राहत सामग्री
नेपाल में राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए भारत ने दो दिनों में 47 टन राहत सामग्री भेजी है। बुधवार को भारतीय वायुसेना का सी-130 जे विमान 10 टन राहत सामग्री लेकर नेपाल पहुंचा। इसमें अस्थायी शेल्टर और दवाइयां शामिल थीं। इसके बाद गुरुवार को सी-17 विमान 37 टन राहत सामग्री लेकर रवाना हुआ। इसमें करीब 8 टन दवाइयां और एक टन खाद्य सामग्री शामिल है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, नेपाल को भेजी जा रही राहत सामग्री वहां की जरूरत और मांग के आधार पर भेजी जा रही है।
नेटवर्क बाधित होने से संपर्क में दिक्कत
विदेश मंत्रालय ने बताया कि बाढ़ के कारण नेपाल में मोबाइल और संचार नेटवर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसी वजह से कई भारतीय नागरिकों से संपर्क स्थापित नहीं हो पा रहा है।
भारतीय विदेश मंत्रालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। वहीं नेपाल और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावासों की ओर से भी 24 घंटे हेल्पलाइन के जरिए लोगों की मदद की जा रही है। विदेश मंत्रालय का कहना है कि जैसे-जैसे नई जानकारी मिलेगी, उसे साझा किया जाएगा।
एस जयशंकर ने की उच्चस्तरीय समीक्षा
नेपाल के तीन जिलों में भोटेकोसी नदी में अचानक आई बाढ़ से पैदा हुए हालात को लेकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में विदेश सचिव, विदेश मंत्रालय की टीम तथा काठमांडू और बीजिंग में भारत के राजदूत शामिल हुए।
बैठक में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद भारतीयों की स्थिति, उनकी सुरक्षा और राहत-बचाव अभियान की समीक्षा की गई।
जयशंकर ने बताया कि विदेश मंत्रालय इस मामले में विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों, टूर ऑपरेटरों और परियोजनाओं से जुड़े अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। भारत नेपाल सरकार और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में रहते हुए राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग कर रहा है।
