बालोदएक घंटा पहले
शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा।
बालोद जिले में वीर सपूत शहीद वीर नारायण सिंह की शहादत दिवस पर विराट वीर मेले का आयोजन किया जा रहा है। जिले के अंतिम छोर पर NH- 930 किनारे इस मेले का आयोजन किया जा रहा है। राजाराव पठार पहुंचकर शनिवार को राज्यपाल अनुसुइया उईके ने विशाल शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया, साथ ही देवगुड़ी और देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना भी की गई।
धुर्वा नृत्य के माध्यम से यहां राज्यपाल का स्वागत किया गया। विराट वीर मेले में शामिल होने के लिए बालोद, धमतरी, कांकेर और बस्तर अंचल के आदिवासी समाज के लोग और आम जनता पहुंची हुई है। राज्यपाल ने विराट वीर मेले के संदर्भ में कहा कि आज के ही दिन प्रदेश और आदिवासी समाज के गौरव शहीद क्रान्ति वीर नारायण सिंह जी शहीद हुए थे। ये हमारे समाज और प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने समाज और देश के हित में काम किए हैं। वीर नारायण सिंह ने देश के लिए शहीद होकर पूरे समाज को प्रेरणा दी। इसका अनुसरण आज की युवा पीढ़ी को करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मेरे मन में हमेशा समाज के लिए कुछ करने की बात चलती है।

अनुसुइया उइके मेले में हुईं शामिल।
राज्यपाल अनुसुइया उइके अन्य पिछड़ा वर्ग-OBC वर्ग को दिए गये 27% आरक्षण की वजह से आरक्षण विधेयकों पर हस्ताक्षर करने से हिचक रही हैं। राज्यपाल ने शनिवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि मैंने केवल आदिवासी वर्ग का आरक्षण बढ़ाने के लिए सरकार को विशेष सत्र बुलाने का सुझाव दिया था। उन्होंने सबका बढ़ा दिया। अब जब कोर्ट ने 58% आरक्षण को अवैधानिक कह दिया है, तो 76% आरक्षण का बचाव सरकार कैसे करेगी।

विराट वीर मेले में भीड़।
बालोद के राजाराव पठार पहुंची राज्यपाल अनुसुइया उइके ने गेस्ट हाउस में मीडिया से बात की। आरक्षण विधेयक को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, हाईकोर्ट ने 2012 के विधेयक में 58% आरक्षण के प्रावधान को अवैधानिक कर दिया था। इससे प्रदेश में असंतोष का वातावरण था। आदिवासियों का आरक्षण 32% से घटकर 20% पर आ गया। मैंने सुझाव के तौर पर कहा था कि अध्यादेश लाना हो तो अध्यादेश लाइए, विशेष सत्र बुलाना हो तो वह बुलाइए।
