बालोद37 मिनट पहले
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मेड़की केंद्र में माैसम खराब हाेने के कारण सुरक्षा के लिए तिरपाल के भरोसे इस तरह धान को ढंका गया है।
मौसम में उतार-चढ़ाव के बीच जिले के 141 केंद्रों में 14 लाख 59 हजार 79 क्विंटल धान जाम है। जो खुले आसमान के नीचे तिरपाल के भरोसे है। वहीं 17 लाख 25 हजार 108.40 क्विंटल धान का उठाव हो चुका है। इस सीजन जिले में एक नवंबर से 9 दिसंबर तक समर्थन मूल्य पर 5 ब्लॉक के 141 खरीदी केंद्रों में 87 हजार 452 किसान 31 लाख 84 हजार 187.60 क्विंटल धान बेच चुके हैं। जिला सहकारी केंद्रीय मर्यादित बैंक के अनुसार अब तक धान बेचने वाले किसानों को 652 करोड़ 40 लाख एक हजार 280 का भुगतान किया जा चुका है।
अधिकांश किसान धान की मिंजाई करवा चुके हैं। पहले की तुलना में अब ज्यादा किसानों को समिति व ऑनलाइन एप के माध्यम से टोकन जारी किया जा रहा है। लिहाजा खरीदी की रफ्तार बढ़ते क्रम पर है। हालांकि खरीदी की तुलना में धान उठाव यानी परिवहन का रफ्तार धीमा है। मौसम में उतार-चढ़ाव हो रहा है। इसको ध्यान में रखते हुए कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने डीएमओ, नोडल अफसर सहित संबंधित अफसरों को परिवहन में तेजी लाने के निर्देश दिए है।
58 लाख क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य
इस सीजन 58 लाख क्विंटल खरीदी का लक्ष्य है। धान खरीदी के बाद समिति वाले पोर्टल में ऑनलाइन रिकार्ड अपलोड कर रहे हैं। शासन स्तर से किसानांे के बैंक खाते में राशि ट्रांसफर की जा रही है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अनुसार इस सीजन गुंडरदेही ब्लॉक में सबसे ज्यादा 45 हजार 618 किसान समर्थन मूल्य पर धान बेचने पंजीकृत है।
बालोद ब्लॉक में धान बेचने के लिए 19 हजार 514 किसान पंजीकृत है। जिसमें 1104 ने पहली बार पंजीयन कराया है। इसी तरह गुरूर ब्लॉक में 26 हजार 855 किसान पंजीकृत हैं। जिसमें 1764 नए हैं। डौंडी ब्लॉक में 15 हजार 497 किसान पंजीकृत हैं। जिसमें 1078 नए हैं। वहीं डौंडीलोहारा में 39 हजार 135 पंजीकृत हैं। जिसमें 2543 नए हैं।
141 केंद्रों में सरना धान की आवक कम
जिला सहकारी केंद्रीय मर्यादित बैंक के अनुसार केंद्रों में पतला धान की आवक ज्यादा हो रही है। जबकि सरना की कम हो रही है। 141 केंद्रों में 9 लाख 79 हजार 29 क्विंटल मोटा धान की खरीदी हो चुकी है। इसी तरह सबसे ज्यादा 14 लाख 12 हजार 928 क्विंटल पतला धान की खरीदी हुई है। वहीं 7 लाख 92 हजार 229 क्विंटल सरना धान किसान बेच चुके हैं।
इस लिहाज से मोटा, पतला की तुलना में सरना धान की आवक कम हो रही है। विभागीय अफसरों का कहना है कि ऐसी स्थिति हर साल बनती है। जिला सहकारी मर्यादित बैंक के अनुसार इस सीजन 3 नए केंद्र खुलने के बाद अब जिले में कुल केंद्रों की संख्या 141 हो गई है। पिछले साल 138 केंद्रों में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी हुई थी।
केंद्रों से रोज धान का उठाव कर रहे मिलर्स जिला नोडल अफसर कुसुम ठाकुर ने बताया कि शासन की अनुमति मिलने के बाद स्थानीय स्तर से परिवहन आदेश जारी होने के बाद पंजीकृत मिलर्स रोजाना धान का उठाव कर रहे हैं। संबंधितों को धान को सुरक्षित रखने जरूरी इंतजाम करने निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल सभी केंद्रों में धान सुरक्षित है। किसी भी जगह खरीदी प्रभावित होने की शिकायत नहीं मिली है। धान रखने अभी पर्याप्त जगह है।
