गांव वालों ने कहा- हमें बिजली और मोबाइल नेटवर्क चाहिए, अफसर बोले- जल्द देंगे | The villagers said – we need electricity and mobile network, the officer said – will give soon

Share this

जगदलपुर33 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
चांदामेटा में कलेक्टर और SP ने जन चौपाल लगाई। - Dainik Bhaskar

चांदामेटा में कलेक्टर और SP ने जन चौपाल लगाई।

छ्त्तीसगढ़ में बस्तर जिले के धुर नक्सल प्रभावित गांव चांदामेटा में प्रशासन की टीम ने जन चौपाल लगाई है। इस जन चौपाल में कलेक्टर चंदन कुमार और SP जितेंद्र सिंह मीणा ने ग्रामीणों की समस्या सुनी। गांव वालों ने कहा कि, हमें गांव में मोबाइल नेटवर्क और बिजली चाहिए। ग्रामीणों की इस मांग के बाद कलेक्टर ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि जल्द ही उनकी मांग पूरी की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि, ग्रामीणों की आवश्यकता के अनुसार ही गांव में विकास काम होगा।

बस्तर जिले के कलेक्टर चंदन कुमार ने राशन कार्ड, पेंशन, आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र के संबंध में ग्रामीणों से जानकारी ली और जिन ग्रामीणों के पास ये सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें तत्काल उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया। उन्होंने छिन्दगुर से चांदामेटा तक निर्माणाधीन सड़क के निर्माण की गति बढ़ाने के लिए भी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के EE को निर्देशित किया है। आवागमन के लिए वाहन की व्यवस्था हो, इस दिशा में भी कार्य किया जाएगा।

ग्रामीणों से मिलते कलेक्टर।

ग्रामीणों से मिलते कलेक्टर।

कलेक्टर ने ली बच्चों की क्लास

चांदामेटा में स्थापित CRPF कैंप में छोटे बच्चों को शिक्षा देने का कार्य भी किया जा रहा है। बुधवार को यहां ग्रामीणों की समस्याएं जानने के लिए पहुंचे कलेक्टर ने जब परिसर में छोटे-छोटे बच्चों की पढ़ाई की आवाज सुनी तो वे भी बच्चों के बीच पहुंचे। उन्होंने यहां बच्चों की पढ़ाई देखकर खुशी जताई और उन्होंने बच्चों को कुछ देर तक पढ़ाया। उनसे सवाल भी पुछे। इधर, SP जितेंद्र सिंह मीणा ने गांव वालों को उनकी सुरक्षा का पूरा भरोसा दिलाया है।

स्टॉल भी लगाए गए।

स्टॉल भी लगाए गए।

हाल ही में खुला है कैंप

दरअसल, कुछ समय पहले तक चांदामेटा गांव पूरी तरह से नक्सलियों के कब्जे में था। माओवादियों की दहशत की वजह से गांव में कोई भी विकास काम नहीं हो पाते थे। लेकिन, धीरे-धीरे फोर्स की मूवमेंट बढ़ी तो माओवादी बैकफुट हुए। यहां पुलिस कैंप भी स्थापित किया गया। पुलिस ने ग्रामीणों का भरोसा जीता। अब ग्रामीण भी गांव में विकास कार्य चाह रहे हैं। प्रशासन ने जन चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया है।

खबरें और भी हैं…

Share this
READ MORE  दुर्ग में CBI छापा, खाली हाथ बैरंग लौटी वेस्ट बंगाल पुलिस लेकिन नहीं मिले थे कोठारी बंधु, 54 करोड़ के शेयर हेरफेर में आरोपियों के ठिकानों पर सीबीआई जांच जारी