गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM)21 मिनट पहले
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कृषि विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले के कृषि विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर तहसीलदार पर कार्रवाई की मांग की है। दोनों अधिकारियों के बीच कहासुनी के बाद मामले की शिकायत कलेक्टर से की गई है। बहस के बाद नाराज तहसीलदार सोनू अग्रवाल ने कोटमी चौकी प्रभारी को फोन करके बुला लिया था और कृषि अधिकारी को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद कोटमी चौकी प्रभारी ने कृषि विस्तार अधिकारी हेमंत कश्यप को पकड़कर चौकी में बिठा लिया था और उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी करने लगे थे। मामला 10 जनवरी का है।कृषि विस्तार अधिकारी हेमंत कश्यप की ड्यूटी धान की जांच के लिए 9 जनवरी से धान खरीदी केंद्र देवरीकला (कोटमी) में लगाई गई है। 10 जनवरी को खरीदी केंद्र में धान बेचने आए ग्राम सेखवा के किसान चंदेल सिंह मसराम के धान की जांच जब हेमंत कश्यप द्वारा की जा रही थी, तो उन्हें 9 बोरी गर्मी का अमानक धान मिला।

कृषि विस्तार अधिकारी।
कृषि विस्तार अधिकारी हेमंत कश्यप अन्य बोरियों की जांच कर ही रहे थे कि इस दौरान सकोला के तहसीलदार सोनू अग्रवाल वहां पहुंचे। उन्होंने जब देखा कि उस किसान के धान में गर्मी का अमानक धान मिला है, तो उन्होंने कृषि अधिकारी से कहा कि पूरे धान की जब्ती बना लो। इस पर कृषि विस्तार अधिकारी ने तहसीलदार से कहा कि वे पूरी धान की गुणवत्ता की जांच कर रहे हैं। जांच पूरी करने के बाद जो अमानक धान मिलेगा, उसे जब्त किया जाएगा। इसके बाद तहसीलदार ने कृषि अधिकारी से कहा कि मुझे नहीं पहचानते हो, तो कृषि अधिकारी ने कहा कि नहीं पहचानता हूं। इसके बाद दोनों के बीच बहस हो गई।
दोनों के बीच कहासुनी के बाद नाराज तहसीलदार ने कोटमी चौकी प्रभारी को फोन करके बुला लिया और कृषि अधिकारी को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद कोटमी चौकी प्रभारी ने कृषि अधिकारी को पकड़कर चौकी में बिठा लिया था और उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी करने लगे थे। इस घटना की जानकारी कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी को लगने के बाद उन्होंने ADM से मामले की पूरी जानकारी लेने के निर्देश दिए। जिसके बाद एडिशनल कलेक्टर बीसी एक्का ने चौकी प्रभारी को फोन करके कृषि अधिकारी को छोड़ने का निर्देश दिया।
कृषि विस्तार अधिकारी को चौकी में बिठाने से नाराज होकर जिले के कृषि विभाग के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों ने बुधवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने तहसीलदार पर कार्रवाई की मांग की है। कार्रवाई नहीं होने पर धान खरीदी केंद्र में ड्यूटी का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। तहसीलदार द्वारा पुलिस को बुलाने की निंदा कृषि विभाग के कर्मचारियों ने परामर्श दात्री समिति में भी की है। कर्मचारी संगठन के नेताओं ने कहा कि कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारी से शिकायत की जा सकती है, लेकिन इसमें किसी प्रशासनिक अधिकारी द्वारा पुलिस कार्रवाई का रौब दिखाना निंदनीय है।
