


दुर्ग न्यूज़, 23 जनवरी। अयोध्या में प्रभु रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की पूर्व संध्या मालवीय नगर चौक स्थित हनुमान मंदिर में आंजनेय होमा किया गया। आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षक एवं साधकों ने इस अवसर पर रामभक्त हनुमान जी की महाआरती की। पश्चात सत्संग में राम के भजनों से भक्ति की लहर उठाई। विपरीत मौसम के बावजूद देर शाम तक सभी लोग गाते झूमते रहे। सड़क किनारे सत्संग होने से वहां से गुजर रहे लोगों ने भी रुक कर भजनों का आनन्द लिया।


दुर्ग की बनाएंगे अलग पहचान
सत्संग में दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर शामिल हुए। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए मार्ग प्रशस्त करने आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक एवं आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर के योगदान को याद किया। श्री चंद्राकर ने कहा कि राम मंदिर के लिए संघर्ष करते हुए कई पीढ़ियां चली गईं। हम सब सौभाग्यशाली हैं कि कण-कण में बसे प्रभु राम को देख रहे हैं। करीब पांच सौ साल बाद यह उत्सव मनाने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि दुर्ग की जनता ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है, उनकी उम्मीदों पर खरा उतरेंगे। आने वाले पांच सालों में कुछ ऐसा करना चाहते हैं कि दुर्ग की अलग पहचान बने।
आयोजन में पूर्व विधायक अरुण वोरा की पत्नी श्रीमती वोरा, रत्ना नारमदेव भी विशेष रूप से उपस्थित हुईं। संस्था के वरिष्ठ प्रशिक्षक श्रीमती शैलजा चंद्राकर, हरजीत सिंह, अमन बेलचंदन, यिमेन्द्र साहू, श्रीमती लता वेणुगोपाल, रणजीत गजेन्द्र, वैशाली बढ़े, दीनानाथ चंद्राकर का सक्रिय योगदान रहा। बड़ी संख्या में स्वयंसेवक एवं साधक उपस्थित रहे।
