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रायपुर37 मिनट पहले
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। सूरजपुर के जनपद पंचायत अध्यक्ष एक सरकारी कार्यक्रम में हुए अपमान से बेहद नाराज हो गये। वे इस अपमान का विरोध दर्ज करने जूता-चप्पल की माला पहनकर फेसबुक पर लाइव आ गए, और अपनी ही पार्टी के नेताओं समेत पूरे जिले प्रशासन के अफसरों को जमकर कोसा। जिसके बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया। इस मामले में अब कोई भी कांग्रेस का पदाधिकारी और अफसर कुछ बोलने को तैयार नहीं है।

दरअसल पूरा मामला सूरजपुर के जनपद पंचायत अध्यक्ष जगलाल देहाती के अपमान से जुड़ा है। वे कांग्रेस के समर्थन से ही अध्यक्ष बने हैं। जगलाल के अनुसार सूरजपुर जिला प्रशासन ने 33वां सड़क सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया। जिसका मंगलवार को समापन समारोह रखा गया। इस कार्यक्रम के लिए पुलिस विभाग ने निमंत्रण कार्ड छपवाया। जिसमें जगलाल का नाम नहीं था। उन्होंने बताया कि, उसके बाद भी वे कार्यक्रम में शामिल होने गये। लेकिन वहां किसी ने न तो उन्हें मंच पर जगह दी और न ही उनका किसी प्रकार का सम्मान किया गया। मंच में कार्यक्रम के दौरान उनका नाम भी नहीं लिया गया। जबकि वहां उपस्थित कई अन्य जनप्रतिनिधियों का माला पहनाकर सम्मान किया गया। इस अपमान से वे नाराज हो गए।
विधायकों समेत अधिकारियों पर भड़के
जनपद अध्यक्ष जगलाल देहाती ने फेसबुक लाइव में स्थानीय विधायक और संसदीय सचिव पारसनाथ राजवाड़े का भी नाम लिया। साथ ही उन्होंने कलेक्टर,पुलिस अधीक्षक,सरगुजा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष समेत अन्य कांग्रेसी नेताओं को जमकर कोसा। उन्होंने कहा कि, वे भी करीब 108 गांवों के 2.5 लाख लोगों का प्रतिनिधित्व करते है। संविधान की व्यवस्था के अनुसार ये क्षेत्र अनुसूची 5 का आदिवासी बेल्ट है। इसी आरक्षण के चलते उन्हें लोगों ने निर्वाचित किया और इस कुर्सी पर बैठाया। लेकिन प्रशासन के लोगों ने उनका अपमान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रशासन आदिवासियों को दबा कुचला समझता है।
