9 माह के भाजपा राज में महिलाएं असुरक्षित, विरोध में कल दुर्ग गांधी पुतला के पास मौन सत्याग्रह

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० भिलाई में 4 साल की बच्ची के साथ दुराचार की घटना में पुलिस पर लीपापोती का आरोप

दुर्ग। भारतीय जनता पार्टी के 9 माह के शासन काल में महिलाओं के साथ हुई दुराचार एवं अन्य घटनाओं के विरोध में कल 3 सितंबर को कांग्रेसजन मौन सत्याग्रह करेंगे। राजीव भवन दुर्ग में पत्रकार वार्ता को जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग- भिलाई के अध्यक्ष समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने संयुक्त रूप से संबोधित करते हुये यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 9 माह के भाजपा सरकार के राज में छत्तीसगढ़ में महिलायें असुरक्षित हो गयी हैं। राजधानी में महिलायें सुरक्षित नहीं है। रायपुर नया बस स्टैण्ड में एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म होता है। दूसरे दिन रिपोर्ट लिखा गया उसमें भी सामूहिक दुष्कर्म को नकार दिया गया। बलात्कार का रिपोर्ट लिखा गया, यहां भी पुलिस अपराधियों को बचाने में लगी है। रोज-रोज प्रदेश में कहीं न कहीं सामूहिक बलात्कार की घटना हो रही है। महिलायें खुले में बाहर निकलने में भयभीत हो रही है। बस्तर, जशपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर से लेकर राजधानी रायपुर में भी महिलायें खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। बेहद दुर्भाग्यजनक है कि सरकार इन मामलों को गंभीरता से नहीं लेकर घटनाओं को छुपाने और अपराधियों को बचाने का काम कर रही है। अभी तक 8 माह में प्रदेश में महिलाओं के प्रति 3094 अपराध हुये है तथा 600 से अधिक बलात्कार की घटना हुई है।

भिलाई के डीपीएस स्कूल में 4 साल की मासूम बच्ची के साथ दुराचार की घटना हो गयी। बिना एफआईआर के एसपी ने घटना को नकार दिया, जबकि पाक्सो एक्ट में प्रावधान है कि ऐसी कोई घटना होने पर पहले एफआईआर होना चाहिये उसके बाद जांच होनी चाहिये। भिलाई के बच्ची के साथ दुराचार के मामले में दो-दो डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि बच्ची के निजी अंगों में चोट है कुछ गलत हुआ है। उसके बाद भी एसपी मामले को नकारते हैं। हम पूछना चाहते है पुलिस ने एफआईआर कब किया? मेडिकल बोर्ड का गठन कब हुआ? बच्ची का स्वास्थ्य परीक्षण कब कराया गया? घटना सरकार के संज्ञान में था। सरकार ने क्या कार्यवाही की? पाक्सो एक्ट में एफआईआर बिना किये क्लीनचीट दिये जाने के कारण एसपी पर कार्यवाही क्यों नहीं किया गया?

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रायगढ़ के पुसौर में एक आदिवासी महिला के साथ 14 लोगों ने दुराचार किया, पुलिस रिपोर्ट लिखने में बहानेबाजी कर रही थी, मीडिया में दबाव के बाद रिपोर्ट लिखा गया। जशपुर के एक नाबालिक बच्ची के साथ सामूहिक दुराचार हो गया। कोण्डागांव में एक महिला के साथ सामूहिक दुराचार हो गया, 20 दिन तक रिपोर्ट नहीं लिखी गयी।

बेहद दुर्भाग्यजनक है कि बंगाल की घटना पर प्रतिक्रिया देने वाले भाजपाई छत्तीसगढ़ में 4 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी पर मौन हैं।

इस मामले में कांग्रेस ने निर्णय लिया है कि हम अपनी बहन, बेटियों की रक्षा की लड़ाई लड़ेंगे, आंदोलन करेंगे। सरकार को महिलाओं की सुरक्षा के लिये मजबूर करेंगे। 3 सितंबर को प्रदेश के सभी जिलों में मौन प्रदर्शन किया जायेगा।

पत्रकार वार्ता में पूर्व विधायक अरुण वोरा, बीडी कुरैशी, आरएन वर्मा, राजेंद्र साहू, गया पटेल, मुकेश चंद्राकर, महापौर धीरज बाकलीवाल, नीरज पाल, सभापति राजेश यादव, सीजू एंथोनी, अल्ताफ अहमद, अजय मिश्रा शामिल रहे।

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