डॉ खंडूजा की संपत्ति राजसात हो, एसपी से 28 पीड़ितों ने लगाई गुहार

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भिलाई नगर, 30 अक्टूबर। स्मृति नगर चौकी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो निदेशकों ने फिर से शिकायत की है। पीड़ित 28 लोग एसपी के पास पहुंचे और कहा, डॉ. एमके खंडूजा पर एफआईआर दर्ज कर संपत्ति राजसात की जाए।

निवेशकों से जालसाजी के आरोपी डॉ. एमके खंडूजा के खिलाफ दर्जनभर से ज्यादा शिकायत आने पर भी स्मृति नगर पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया है। इस वजह से पीड़ित बीएसपी के रिटायर्ड कर्मी मंगलवार को एसपी जितेंद्र शुक्ला से गुहार लगाने पहुंचे। उनकी मांग है कि डॉ खंडूजा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसकी संपत्ति को राजसात की जाए ताकि उसके झांसे में फंसे रिटायर्ड लोगों को उनका डूबा पैसा वापस मिल सके। दरअसल पिछले बुधवार को 15 लोगों ने स्मृति नगर चौकी पहुंचकर डॉ. खंडूजा के खिलाफ शिकायत पत्र दिया था।

शिकायतकर्ताओं के मुताबिक बीएसपी के 304 लोगों से खंडूजा ने इनवेस्टमेंट के नाम से 100 करोड़ रुपए से भी ज्यादा की रकम ली। सभी लोग वर्ष 2018 से अपने-अपने स्तर से पुलिस में शिकायत दर्ज करा रहे, लेकिन आरोपी के हाइप्रोफाइल होने की वजह से अभी तक उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोपी डॉ. खंडूजा तत्कालीन बीएसआर कैंसर एवं एवं बीएसआर सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल को बेचकर भाग गया था। अब गिरफ्त में आने के बाद लोग अपराध दर्ज कराने आगे आ रहे हैं।

पुलिस ने इकरारनामा करा दिया लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की

शिकायतकर्ता धरम कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि डॉ. खंडूजा और उसके एजेंट लोगों को साल 2013-14 से झांसे में ले रहे थे। सालभर के अंदर 300 से ज्यादा लोगों को फंसाया। कुछ दिन रिटर्न दिया, फिर बंद कर दिया। उसके बाद निवेशकों को करीब 4-5 साल तक फूटी कौड़ी नहीं दी। इस वजह से वर्ष 2018 में लोग डॉ. खंडूजा को पकड़कर उसके खिलाफ अपराध दर्ज कराने स्मृति नगर चौकी पहुंचे, लेकिन तत्कालीन पुलिस अफसरों ने मामले में अपराध दर्ज करने की जगह पैसा वापसी के इकरारनामा पर खंडूजा का साइन कराकर उसे छोड़ दिया।

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खंडूजा देश छोड़कर न भागे, पासपोर्ट जब्त हो

निवेशकों ने आरोपी डॉ. खंडूजा का पासपोर्ट जब्त करने की मांग दोबारा की है। इस संबंध में सबसे पहला आवेदन करीब 5 साल पहले स्मृति नगर चौकी में किया गया था। अब ठगी के शिकार कई लोग आरोपी के पासपोर्ट को भी जब्त करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि उस दौरान स्मृति नगर चौकी पुलिस ने आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं की थी। ठगे गए लोगों का कहना है कि आरोपी का पासपोर्ट जब्त करने से उसके विदेश भागने के रास्ते बंद हो जाएंगे।

एसपी से शिकायत करने वाले 28 लोगों ने दावा किया है कि उनकी 1.23 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम ठगी गई है। इनमें 6 ऐसे थे, जिनके परिजन रकम वापसी की आस में दुनिया छोड़कर चले गए। इसमें डीआर देवांगन से 9 लाख, केसली राम देवांगन से 4 लाख, प्रेमलाल मेश्राम 5 लाख, एआर गावड़े 3.50 लाख, बेनीराम विश्वकर्मा 6 लाख और पीवीएन राव से 4.50 लाख रुपए लिए गए थे। उनके अलावा दीपक केशरवानी, मान सिंग राठौर, मनमोहन श्रीवास्तव, दिनेश कुमार, बिंदु लता, शारदा प्रसाद सिन्हा, माना देवांगन, ललित कुमार लखेरा, के. लक्ष्मी, के. दीपक, बी. विजयलक्ष्मी आदि पहुंचे थे।

आवेदनों की कर रहे जांच

इस संबंध में एसपी जितेन्द्र शुक्ला ने कहा कि प्रकरण में जो भी आवेदन प्राप्त हो रहे हैं उनकी जांच की जा रही है। कुछ आवेदकों को कुछ रकम वापसी भी हुई है। संपत्ति राजसात वाली बात तो FIR के बाद देखी जाएगी।

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